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नई दिल्ली।
इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत से दुनियाभर में चिंता का माहौल बन गया है। इस लड़ाई का असर भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
क्या हुआ है?
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अमेरिका की कोशिशों के बावजूद ईरान परमाणु समझौते पर नहीं माना।
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इसके बाद इजराइल ने “ऑपरेशन राइजिंग लॉयन” के तहत ईरान पर हवाई हमला कर दिया।
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ईरान ने भी जवाबी हमला करते हुए 200 से ज्यादा मिसाइलें इजराइल पर दागीं।
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ईरान के धार्मिक नेता ने कहा कि इजराइल ने अपनी “कठोर नियति” तय कर ली है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो बड़ा युद्ध हो सकता है।
भारत पर क्या असर पड़ेगा?
1. हवाई यात्रा होगी महंगी
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ईरान और इराक का एयरस्पेस बंद हो गया है।
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भारत से यूरोप, अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स को लंबा रास्ता लेना पड़ेगा।
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इससे टिकट के दाम बढ़ सकते हैं।
2. क्रूड ऑयल महंगा, महंगाई बढ़ेगी
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दो दिन में कच्चे तेल के दाम 15% बढ़े हैं।
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अगर लड़ाई लंबी चली, तो तेल और भी महंगा हो सकता है।
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भारत 85% क्रूड आयात करता है, जिससे ट्रांसपोर्ट, पेंट, टायर, ल्यूब्रिकेंट आदि महंगे हो सकते हैं।
3. रुपया कमजोर हो सकता है
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लड़ाई बढ़ी तो डॉलर की मांग बढ़ेगी और रुपया कमजोर होगा।
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इससे विदेशी सामान महंगे होंगे और महंगाई और बढ़ेगी।
4. खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों को खतरा
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1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में काम करते हैं।
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युद्ध के कारण उनकी सुरक्षा पर संकट आ सकता है।
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ये लोग हर साल करीब 45 अरब डॉलर भारत भेजते हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है।
5. चाबहार बंदरगाह पर असर
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ईरान में भारत का अहम प्रोजेक्ट चाबहार पोर्ट पहले ही अमेरिकी प्रतिबंधों से अटका है।
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इस युद्ध से यह प्रोजेक्ट और भी प्रभावित हो सकता है।
6. निर्यात में देरी
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रेड सी और स्वेज नहर जैसे समुद्री रास्तों से भारत का व्यापार होता है।
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इन रास्तों पर खतरा बढ़ने से शिपमेंट में देरी होगी और भारत का निर्यात प्रभावित होगा।
निष्कर्ष:
इस युद्ध से तेल महंगा होगा, रुपया कमजोर पड़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है। हवाई सफर भी महंगा हो सकता है। इसके अलावा खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा और भारत के व्यापारिक प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ने की आशंका है।
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