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ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध के असर से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है। निवेशकों में चिंता बढ़ने के कारण सेंसेक्स अब तक 6,723 अंक यानी करीब 8.27% गिर चुका है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी 50 में 2% से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों को 34 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। इसके कारण बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों की कुल मार्केट कैप लगभग 34 लाख करोड़ रुपये घट गई। हालांकि इसके बावजूद भारतीय शेयर बाजार का वैल्यूएशन अभी भी कई देशों की तुलना में ज्यादा माना जा रहा है।
ट्रेड डील टलने से बढ़ी चिंता
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर फिलहाल कुछ महीनों के लिए टाल दिए हैं। इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और बाजार में गिरावट और बढ़ गई।
तेल कीमतों और वैश्विक तनाव का असर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की स्थिति भी बन गई है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार इस संघर्ष से खाड़ी देशों की करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन तक की रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है।
विदेशी निवेशकों की तेज बिकवाली
वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशकों (FII) ने करीब 56,883 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी रहेगी। 📉📊
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