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एशिया के सबसे बड़े कच्चे मोरेल बांध से राजस्थान के किसानों को मिलेगी राहत, जल्द नहरों में छोड़ा जाएगा पानी

दौसा। दौसा और सवाई माधोपुर जिलों के हजारों किसानों के लिए खुशखबरी है। रबी की फसल की बुवाई कर रहे इन किसानों को जल्द ही मोरेल बांध की नहरों में पानी मिल सकेगा, जिससे फसल सिंचाई में बड़ी मदद मिलेगी। जल वितरण कमेटी की बैठक इस सप्ताह के अंत या अगले सप्ताह की शुरुआत में सवाई माधोपुर जिला कलक्ट्रेट में होगी, जहां यह तय किया जाएगा कि नहरों में पानी कब छोड़ा जाएगा।

किसानों की मांग पर विचार: जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता चेतराम मीना ने बताया कि किसानों ने नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है, ताकि सिंचाई में सुविधा मिल सके। जल प्रबंध समिति के अध्यक्ष नानजीराम मीना ने भी इस संबंध में पत्र लिखकर 10 से 15 नवंबर के बीच पानी छोड़ने की मांग की है।

14 अगस्त से चल रही है चादर: इस साल अच्छी बारिश के कारण मोरेल बांध पांच साल बाद पूरा भर गया है। 14 अगस्त से अब तक बांध पर पानी की चादर लगातार चल रही है और बांध का पानी मोरेल नदी में बह रहा है। जिस दिन नहरों में पानी छोड़ा जाएगा, उस दिन यह चादर रुक जाएगी।

अंतिम छोर तक पहुंचेगा पानी: सहायक अभियंता मीना के अनुसार, बांध में सिंचाई के लिए 2496 एमसीएफटी पानी उपलब्ध है। इस बार नहरों में पानी अंतिम छोर तक पहुंचाया जाएगा, और पानी छोड़ने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नहरों में सफाई, मरम्मत, और माइनरों पर गेट आदि का प्रबंध किया गया है।

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