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आगरा: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को आगरा पहुंचे और वहां राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि रामजीलाल सुमन के घर पर हुआ हमला एक साजिश थी।
संविधान और कानून पर भरोसा
अखिलेश यादव ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर के बनाए संविधान ने हमें जो अधिकार दिए हैं, हम उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। हमें कानून और संविधान पर पूरा भरोसा है।
‘तलवार लहराने वालों पर होगी कार्रवाई’
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने तलवारें लहराईं और सोशल मीडिया पर गालियां दीं, उनके खिलाफ कार्रवाई जरूर होगी। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वो कानून की नहीं, सिर्फ सत्ता की भाषा समझती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों को डराना चाहती है, क्योंकि वे समाजवादी पार्टी के साथ हैं।
धमकियों का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, जैसे फूलन देवी की हत्या की गई थी, वैसे ही उन्हें मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि इन धमकियों के पीछे कौन लोग हैं?
यूपी पुलिस और जातिवाद पर सवाल
उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि यूपी पुलिस में सिर्फ यादवों की भर्ती होती है, लेकिन अब थानों में जाति विशेष के लोग ज्यादा हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आगरा, मैनपुरी और महोबा जैसे जिलों में थानों में एक ही जाति के अधिकारी तैनात हैं। उन्होंने कहा, अब संविधान के खिलाफ कोई मनमानी नहीं चलेगी। संविधान पहले भी सर्वोपरि था और आगे भी रहेगा।
दलितों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने प्रयागराज की घटना का जिक्र किया, जहां एक दलित युवक को गेहूं काटने से मना करने पर जला कर मार दिया गया। आगरा में बारात में बाबासाहेब का गाना बजाने पर दूल्हे को घोड़ी से उतार कर पीटा गया। निषाद समुदाय के एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पोस्ट के लिए मारा गया। लेकिन कहीं कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
सरकार पर तंज
उन्होंने कहा कि जिन शहरों को स्मार्ट सिटी बनाना था, वो आज जाम और गंदगी में फंसे हैं। मां गंगा और यमुना की सफाई के दावे भी सिर्फ दिखावा हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि ये सब काम रामजीलाल सुमन को अपमानित करने और समाज में नफरत फैलाने के लिए किए गए हैं, ताकि सरकार अपनी नाकामियों को छिपा सके।
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