इस्लामाबाद – भारत के साथ लगातार बिगड़ते रिश्तों और ऑपरेशन सिंदूर के बाद उत्पन्न हुए तनाव के माहौल में पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट में बड़ा इजाफा किया है। नई घोषणाओं के मुताबिक, पाकिस्तान ने अपने रक्षा बजट में 20 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2,550 अरब पाकिस्तानी रुपये (लगभग 9 अरब अमेरिकी डॉलर) आवंटित किए हैं।
यह फैसला उस समय लिया गया है जब हाल ही में भारत द्वारा किए गए सैन्य अभियानों ने पाकिस्तान को चौकन्ना कर दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और उसकी बजट नीति यह संकेत देती है कि अब वह अपनी सैन्य क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है।
संसद में पेश हुआ भारी-भरकम बजट
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने नेशनल असेंबली में 17,573 अरब पाकिस्तानी रुपये का संघीय बजट पेश किया। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कर्ज भुगतान के लिए रखा गया है – लगभग 8,207 अरब रुपये। वहीं रक्षा मद में आवंटित राशि पिछले वर्ष के 2,122 अरब रुपये से बढ़कर इस बार 2,550 अरब रुपये कर दी गई है।
पारंपरिक रूप से पाकिस्तान में रक्षा बजट पर संसद में खुलकर चर्चा नहीं होती, इसलिए इस बार भी खर्च का विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया।
भारत-पाक तनाव की पृष्ठभूमि
इस कदम का सीधा संबंध भारत-पाक संबंधों में हाल ही में आए तनाव से जोड़ा जा रहा है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके जवाब में 7 मई को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।
लगभग चार दिन तक चले इस टकराव के बाद 10 मई को दोनों देशों की सेनाओं के उच्चाधिकारियों के बीच बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।
एकता का हवाला
वित्त मंत्री औरंगजेब ने अपने भाषण में कहा, “यह बजट ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर प्रस्तुत किया गया है, जब पूरी कौम ने एकता और संकल्प का परिचय दिया है।”
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