कभी चुनाव नहीं हारे नथवानी, क्या इस बार भी बनेगी जीत की कहानी? राज्यसभा चुनाव पर सबकी नजर
रांची। झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अनुभवी नेता Parimal Nathwani एक बार फिर सुर्खियों में हैं। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या नथवानी इस बार भी अपनी जीत का सिलसिला कायम रख पाएंगे या मुख्यमंत्री Hemant Soren की रणनीति उनके लिए चुनौती बनेगी।
नथवानी का राजनीतिक रिकॉर्ड काफी मजबूत माना जाता है। अब तक वे जिस भी चुनावी मुकाबले में उतरे हैं, वहां उन्हें सफलता मिली है। यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव में उनकी संभावित उम्मीदवारी और जीत की संभावनाओं को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।
राज्यसभा चुनाव के समीकरणों पर नजर डालें तो झारखंड में राजनीतिक दलों के बीच संख्या बल और समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों के लिए समर्थन सुनिश्चित करने में जुटे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव केवल सीट जीतने का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव और शक्ति प्रदर्शन का भी प्रतीक होगा। ऐसे में नथवानी की रणनीति और हेमंत सोरेन की राजनीतिक गणित दोनों पर सबकी नजर बनी हुई है।
झारखंड की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने वाले समय की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
फिलहाल राजनीतिक दलों के बीच बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है। अब देखना होगा कि क्या नथवानी अपना अजेय रिकॉर्ड बरकरार रख पाते हैं या झारखंड की राजनीति में कोई नया समीकरण उभरकर सामने आता है।
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