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कोलकाता: मोबाइल की लत से बचाने के लिए छात्राओं को सिखाया जा रहा रचनात्मक काम

कोलकाता के संतोषपुर स्थित सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, ऋषि अरविंद बालिका विद्यापीठ ने छात्राओं को मोबाइल फोन की लत से दूर रखने के लिए एक अनोखी पहल की है। स्कूल छात्राओं को बेकार सामग्रियों से आभूषण बनाना सिखा रहा है।

बेकार चीजों से आभूषण बनाने की नई कला

प्रधानाध्यापिका सारवनी सेन ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को रचनात्मकता की ओर आकर्षित करना है, ताकि वे मोबाइल फोन से दूर रहें। इसके लिए स्कूल ने एक कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें वरिष्ठ छात्राओं ने भाग लिया। उन्होंने कपड़े, कागज, जूट और चूड़ियों के टुकड़ों जैसी बेकार सामग्रियों से सुंदर आभूषण बनाना सीखा।

रचनात्मकता बढ़ाने की कोशिश

सारवनी सेन ने कहा कि मोबाइल फोन की लत आज हर शिक्षक और माता-पिता के लिए चिंता का विषय है। बच्चे खाली समय में सिर्फ मोबाइल फोन पर व्यस्त रहते हैं। ऐसे में इस तरह की रचनात्मक कार्यशालाएं छात्राओं की रुचि बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती हैं। छात्राएं अब घर पर भी आसपास की चीजों का इस्तेमाल करके आभूषण और नई चीजें बनाना चाहेंगी।

रचनात्मकता से हुनर का विकास

कार्यशाला में छात्राओं को हेयर बैंड और नेकपीस जैसी उपयोगी वस्तुएं बनाना सिखाया गया। इससे उनमें न केवल रचनात्मकता बल्कि एक नया कौशल भी विकसित हुआ। शिक्षकों का मानना है कि अभ्यास से छात्राएं इस कला में और बेहतर हो सकती हैं।

शिक्षा के साथ व्यावसायिक कौशल भी जरूरी

एक शिक्षक ने कहा कि हर छात्र पढ़ाई में उत्कृष्ट नहीं हो सकता। कुछ छात्र व्यावसायिक गतिविधियों में भी अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं। इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां उन्हें नया हुनर सिखाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करेंगी।

यह पहल मोबाइल की लत से बचने और छात्राओं को रचनात्मकता से जोड़ने का एक सकारात्मक कदम है।

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