Breaking News

क्या अलवर की प्यास नहीं बुझेगी? सिलीसेढ़ परियोजना ग्रामीणों के विरोध के चलते अटकी

अलवर शहर में पानी की भारी किल्लत है। कई मोहल्लों में 2 से 3 दिन बाद सिर्फ 20 से 25 मिनट ही पानी आ रहा है। इस संकट से राहत दिलाने के लिए सिलीसेढ़ परियोजना की शुरुआत की गई थी, जिससे उम्मीद थी कि लोगों को पर्याप्त पानी मिलेगा। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते यह योजना अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।


सीएम ने किया था शिलान्यास, ग्रामीणों ने किया विरोध

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस योजना का 20 मई को शिलान्यास किया था। लेकिन उसके कुछ दिन बाद ही ग्रामीणों ने काम का विरोध शुरू कर दिया। 29 मई को जैसे ही जलदाय विभाग की टीम काम शुरू करने पहुंची, ग्रामीणों ने उन्हें मौके से भगा दिया और वहां धरना शुरू कर दिया। यह धरना अब 16 दिन से जारी है


ग्रामीणों को क्यों है आपत्ति?

ग्रामीणों का कहना है कि अगर सिलीसेढ़ में ट्यूबवेल किए गए तो खेती के लिए पानी खत्म हो जाएगा। उनका कहना है कि ट्यूबवेल सारा पानी खींच लेंगे, जिससे किसान बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे जयसमंद और विजयमंदिर इलाके में ट्यूबवेल लगाने के बाद पूरा इलाका सूख गया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर प्रशासन सिलीसेढ़ झील का पानी ले जाए तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं।


योजना की जानकारी

  • कुल नलकूप: 35

  • रोजाना पानी आपूर्ति का लक्ष्य: 1.25 करोड़ लीटर

  • पाइपलाइन की लंबाई: 21 किलोमीटर

  • योजना की लागत: 23.27 करोड़ रुपए


अभी की स्थिति

  • शहर में कुल नल कनेक्शन: 49,000

  • ट्यूबवेल की संख्या: 382

  • रोजाना पानी का उत्पादन: 460 लाख लीटर

  • पानी की कुल मांग: 561 लाख लीटर

इस समय जलदाय विभाग को रोजाना 15 से 20 शिकायतें मिल रही हैं। पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं और जलदाय कार्यालय में रोज भीड़ लगी रहती है।


देरी से क्या होगा असर?

इस योजना को 18 महीनों में पूरा करना था और 2026 के अंत तक पानी की आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद थी। लेकिन अभी जो हालात हैं, उससे लग रहा है कि यह योजना समय पर पूरी नहीं हो पाएगी। इससे लागत बढ़ने की भी संभावना है।


प्रशासन का प्रयास

अब तक ग्रामीणों से दो बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकला। प्रशासन आगे भी बातचीत करेगा और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश कर रहा है।

– भवानी सिंह शेखावत, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, एनसीआर

About admin

Check Also

‘CBI न आती तो मेरा एनकाउंटर हो जाता’, शुभेंदु अधिकारी PA केस में गलत गिरफ्तारी के बाद छूटे राज सिंह का छलका दर्द

‘CBI नहीं आती तो मेरा एनकाउंटर हो जाता’, गलत गिरफ्तारी के बाद राज सिंह का …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?