Related Articles
राजस्थान के सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए साल 2021 में विद्या संबल योजना शुरू की गई थी। अब खबर है कि 30 जून के बाद इस योजना को रोकने की तैयारी की जा रही है। इसकी जगह पांच साल के लिए नई अस्थायी संविदा भर्ती लागू करने का प्रस्ताव है।
नई संविदा में कैसे होगा चयन?
प्रस्तावित नई व्यवस्था में शिक्षकों का चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को तय मासिक मानदेय दिया जाएगा।
लेकिन वर्तमान में कार्यरत सहायक आचार्यों का कहना है कि बिना किसी समायोजन के उन्हें हटाना सही नहीं है। उनका कहना है कि वे पिछले पांच वर्षों से नियमित रूप से पढ़ा रहे हैं।
कॉलेजों में इन पर निर्भर है व्यवस्था
साल 2021 के बाद राज्य में 374 नए कॉलेज खोले गए। कई पुराने कॉलेजों में भी नए विषय शुरू हुए। वर्तमान में 373 सरकारी कॉलेज सोसायटी पद्धति से चल रहे हैं, जहां पढ़ाई की जिम्मेदारी काफी हद तक विद्या संबल सहायक आचार्यों पर है।
इन शिक्षकों का चयन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों के तहत एपीआई अंकों की मेरिट के आधार पर किया गया था। जिला स्तर पर विज्ञापन जारी कर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई थी।
शिक्षकों की चिंता
शिक्षक संगठनों का कहना है कि उनका चयन पूरी तरह नियमों के अनुसार हुआ था और उन्होंने पांच साल तक लगातार पढ़ाया है। वेतन में देरी और अनियमित भुगतान के बावजूद कक्षाएं बंद नहीं की गईं।
उनका कहना है कि नई व्यवस्था में उन्हें जगह न देना अन्याय होगा और इससे उनका भविष्य प्रभावित होगा।
पहले भी कई बार रुकी योजना
वर्ष 2022 से 2025 के बीच यह योजना छह बार रोकी गई और फिर शुरू की गई। इससे शिक्षकों का भविष्य अस्थिर बना रहा और पढ़ाई भी प्रभावित हुई।
अब सभी की नजर सरकार के अंतिम निर्णय पर है कि आगे क्या व्यवस्था लागू की जाएगी।
CHANNEL009 Connects India
