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गांव के बच्चे छत्तीसगढ़ के स्कूल में पढ़ने को मजबूर, न सड़क न बिजली

अनूपपुर: जैतहरी जनपद की ग्राम पंचायत लहसुना के ग्राम गोडपसरी के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव लहसुना से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, लेकिन वहां तक जाने के लिए सड़क नहीं है। लोग पथरीले और मुश्किल रास्तों से आवागमन करते हैं।

न सड़क, न स्कूल, न बिजली

गोडपसरी वन भूमि क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां आज तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ। गांव में न तो प्राथमिक स्कूल है और न ही बिजली। यहां के बच्चों को पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के छीदपानी प्राथमिक विद्यालय जाना पड़ता है, जो गांव से 2 किलोमीटर दूर है।

स्कूल 5 किलोमीटर दूर, बच्चे नहीं जाते

गोडपसरी के लिए प्राथमिक विद्यालय लहसुना में बनाया गया है, जो गांव से 5 किलोमीटर दूर है। रास्ते में जंगल होने के कारण बच्चे वहां पढ़ने नहीं जा पाते। गोडपसरी के प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक अमर सिंह ने बताया कि गांव के कोई भी बच्चे लहसुना स्थित स्कूल नहीं जाते हैं।

सोलर लाइट भी फेल

गांव में बिजली सुविधा न होने के कारण कुछ समय पहले 8 सोलर लाइटें लगाई गई थीं। लेकिन ये लाइटें भी केवल 3 घंटे ही काम करती हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को रात अंधेरे में बितानी पड़ती है।

ग्रामीणों की परेशानी और अधिकारियों की अनदेखी

ग्रामीण वीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। अधिकारी इस बारे में जानते हैं लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया। ग्रामीण हेमलाल सिंह ने बताया कि बच्चों को 5 किलोमीटर दूर लहसुना भेजने की बजाय नजदीकी छत्तीसगढ़ के स्कूल में भेजते हैं, जो केवल 2 किलोमीटर दूर है।

गोडपसरी के ग्रामीणों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी से उनका जीवन कठिन हो गया है। लेकिन प्रशासन की अनदेखी से उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है।

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