जयपुर में गैस सिलेंडर की कमी के बाद अब इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है। व्यावसायिक गैस सिलेंडर पर रोक और घरेलू सिलेंडर आसानी से नहीं मिलने के कारण लोग अब इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे बाजार में इनकी कमी दिखाई देने लगी है।
बाजार में खत्म हो रहा पुराना स्टॉक
अचानक बढ़ी मांग के कारण दुकानों में इंडक्शन चूल्हों का पुराना स्टॉक लगभग खत्म हो गया है। नए चूल्हों की सप्लाई बाजार में समय पर नहीं आ रही है। जहां कुछ दुकानों पर ये उपलब्ध हैं, वहां कई जगह ज्यादा कीमत भी वसूली जा रही है।
होटल और घरों में बढ़ी मांग
होटल, रेस्टोरेंट और शादी-ब्याह में इस्तेमाल होने वाला 3300 किलोवॉट का इंडक्शन चूल्हा अब बाजार में मुश्किल से मिल रहा है। वहीं घरों में इस्तेमाल होने वाला 1800 किलोवॉट का चूल्हा भी कुछ दुकानों पर ही बचा है।
जहां पहले दिन में 3 से 4 चूल्हे बिकते थे, वहीं अब सिर्फ दो दिनों में करीब 1600 चूल्हे बिक गए।
कोयला और लकड़ी की मांग भी बढ़ी
गैस की कमी के कारण कई जगह होटल और ढाबों में खाना सिगड़ी और कोयले की भट्टी पर बनाया जा रहा है। इससे बाजार में कोयले और लकड़ी की मांग भी बढ़ गई है। कई जगह चाय की थड़ियों, मिठाई की दुकानों और ढाबों पर व्यावसायिक सिलेंडर की जगह घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल होने लगा है।
व्यापारियों का कहना
व्यापारियों के अनुसार पिछले तीन दिनों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री लगभग 70 प्रतिशत बढ़ गई है। लेकिन मांग के अनुसार नया माल बाजार में नहीं आ रहा, जिससे इनकी भी कमी होने लगी है।
होटल-रेस्टोरेंट पर असर
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने से काफी परेशानी हो रही है। कई जगह खाने के मेन्यू में भी कटौती करनी पड़ी है। यदि अगले 5 से 7 दिनों में गैस की सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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