चीन ने अपने महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत एक और बड़ा क़दम उठाते हुए Shenzhou-20 मिशन को लॉन्च करने की तैयारी पूरी कर ली है। यह मिशन उत्तर-पश्चिमी चीन के जिउक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से रवाना होगा और इसके जरिए तीन अंतरिक्षयात्रियों को तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर छह महीने के प्रवास के लिए भेजा जाएगा।
2030 तक चांद पर इंसान भेजने का सपना
चीन का दीर्घकालिक लक्ष्य है कि वह 2030 तक चंद्रमा की सतह पर मानव को उतारे। इसके साथ ही उसका उद्देश्य वहां एक स्थायी बेस की स्थापना करना भी है। Shenzhou-20 मिशन को इसी योजना की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। यह मिशन केवल एक रूटीन क्रू ट्रांसपोर्ट नहीं, बल्कि भविष्य के चंद्र अभियानों की तैयारी का हिस्सा है।
मिशन की तैयारी और उद्देश्य
चीन की मानव अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, इस मिशन में शामिल अंतरिक्षयात्री तियांगोंग स्टेशन पर वैज्ञानिक प्रयोग, तकनीकी परीक्षण और दीर्घकालिक अंतरिक्ष प्रवास की स्थितियों का अध्ययन करेंगे। हाल ही में जारी तस्वीरों में मिशन का रॉकेट सफेद रंग में दिखाई दे रहा है, जिस पर चीन का राष्ट्रीय ध्वज अंकित है।
शेनझोउ-19 की विरासत
इससे पहले, शेनझोउ-19 मिशन अक्टूबर 2024 में लॉन्च हुआ था और यह अप्रैल 2025 में समाप्त हो जाएगा। उस मिशन की कमान पूर्व वायुसेना पायलट कै जुजे के हाथों में थी, जिन्होंने इससे पहले शेनझोउ-14 में भी हिस्सा लिया था। उनके साथ वांग हाओजे और सॉन्ग लिंगडोंग भी शामिल थे, जो मिशन के दौरान स्पेस स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण प्रयोगों में शामिल रहे।
चीन का “स्पेस ड्रीम”
राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अगुवाई में चीन ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल करने की ठानी है। वह न केवल चंद्रमा और मंगल पर रोबोटिक मिशन भेज चुका है, बल्कि अब इंसानी मिशन की ओर भी तेज़ी से बढ़ रहा है। 2019 में चीन का Chang’e-4 मिशन चंद्रमा के उस हिस्से पर उतरा, जहां अब तक कोई नहीं पहुंचा था। इसके बाद 2021 में एक सफल मंगल मिशन ने उसकी तकनीकी क्षमता को और मज़बूती दी।
तियांगोंग स्पेस स्टेशन: एक नई शुरुआत
2021 में लॉन्च हुआ तियांगोंग स्पेस स्टेशन चीन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह स्टेशन तीन अंतरिक्ष यात्रियों के क्रू द्वारा संचालित होता है, जिन्हें हर छह महीने में बदला जाता है। इसे कम से कम 10 सालों तक ऑपरेशनल बनाए रखने की योजना है।
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