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जयपुर की मुहाना मंडी में पार्किंग शुल्क वसूलने की नई व्यवस्था को लेकर हंगामा हो गया। बुधवार को मंडी के गेट नंबर दो पर एक डेयरी वाहन से पार्किंग शुल्क लेने पर किसानों और कर्मचारियों में झगड़ा हो गया। इसके बाद पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। बाद में व्यापारियों और संगठनों ने मंडी समिति के कार्यालय पहुंचकर शुल्क हटाने की मांग की। संयुक्त संघर्ष समिति ने पार्किंग ठेका रद्द करने की अपील की।
मंडी बंद करने की चेतावनी
पार्किंग शुल्क के विरोध में व्यापारिक संगठनों और मंडी समिति में टकराव हो गया है। इस मुद्दे पर संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक हुई, जिसमें सभी व्यापारी और किसान शामिल हुए। सब्जी, आलू-प्याज, फल विक्रेता, स्थानीय किसान, लोडिंग यूनियन और ई-रिक्शा यूनियन ने विरोध जताया। व्यापारियों को डर है कि पार्किंग शुल्क से उनके व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा। यदि मांग नहीं मानी गई तो मंडी बंद करने की चेतावनी दी गई है।
व्यापारी बोले – सुविधाएं नहीं, बस शुल्क बढ़ा रहे
व्यापारियों का कहना है कि मुहाना मंडी हर साल 40 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स देती है, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। व्यापारी देवेंद्र जैन और इंद्रकुमार सैनी का कहना है कि पार्किंग शुल्क का बोझ जबरदस्ती डाल दिया गया है। इमरान कुरैशी ने सुझाव दिया कि अगर मंडी समिति सही तरीके से मॉनिटरिंग करे, तो सबकुछ व्यवस्थित हो सकता है।
पार्किंग ठेके पर उठे सवाल
जयपुर फल व सब्जी थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष योगेश तंवर और फ्रूट मंडी अध्यक्ष गोविंद चेलानी ने आरोप लगाया कि यह ठेका सिर्फ निजी स्वार्थ के लिए दिया गया है। व्यापारी मदन शर्मा और कैलाश फाटक ने भी टेंडर प्रक्रिया को अपारदर्शी बताया और इसकी जांच की मांग की।
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