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Jaisalmer News: जैसलमेर जिला कलक्टर प्रताप सिंह ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि 30 अप्रैल (अक्षय तृतीया) और 12 मई (पीपल पूर्णिमा) को जिले में पूरी सतर्कता बरती जाए। इन तारीखों को बाल विवाह होने की संभावना ज्यादा रहती है, खासकर ग्रामीण इलाकों में। इसलिए हर जगह कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।
बाल विवाह रोका जाएगा, गलती पर होगी सजा
कलक्टर ने साफ कहा है कि यदि बाल विवाह की सूचना मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो बाल विवाह निषेध अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गांवों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
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ग्राम पंचायत, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला सहायिका जैसे स्थानीय लोग लोगों को बाल विवाह के नुकसान के बारे में समझाएंगे।
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हलवाई, पंडित, बैंड वाले, टेंट हाउस वाले जैसे लोगों से बाल विवाह में सहयोग न करने का लिखित आश्वासन लिया जाएगा।
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स्वयं सहायता समूह और महिला समूहों को भी सक्रिय किया जाएगा।
स्कूलों में भी बच्चों को दी जाएगी जानकारी
कलक्टर ने सभी स्कूलों में बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणाम समझाने और उनसे अपील करने के निर्देश दिए हैं कि वो खुद भी ऐसी घटनाओं का विरोध करें और जानकारी दें।
24 घंटे रहेगा कंट्रोल रूम
इन दोनों खास दिनों पर जिला प्रशासन 24 घंटे एक्टिव रहेगा और नियंत्रण कक्ष (Control Room) बनाया जाएगा ताकि समय पर कार्रवाई हो सके।
👉 जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि बाल विवाह एक अपराध है, और इसे किसी भी कीमत पर होने नहीं दिया जाएगा।
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