टिकट कटने के बाद पहली बार बोले नरोत्तम मिश्रा—“यही परीक्षा की घड़ी है, कार्यकर्ता संयम रखें”
channel_009 | Political News
दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। ‘ट्रेन सफर’ को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने अपने समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राजनीति में ऐसे दौर आते हैं, जब धैर्य और अनुशासन की सबसे बड़ी परीक्षा होती है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि यह भावनाओं में बहने का नहीं, बल्कि पार्टी के फैसले का सम्मान करने का समय है। उनका बयान ऐसे वक्त आया है, जब दतिया में टिकट को लेकर नाराज समर्थकों ने प्रदर्शन किया, हाईवे जाम किया और कुछ स्थानीय पदाधिकारियों ने इस्तीफे भी दिए।
पूर्व गृहमंत्री ने संकेत दिया कि व्यक्तिगत निराशा से ऊपर संगठन और पार्टी का हित होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह की हिंसा, टकराव या उग्र प्रदर्शन से दूर रहने को कहा। माना जा रहा है कि उनका यह संदेश दतिया में फैले असंतोष को शांत करने की कोशिश है।
भाजपा ने दतिया उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले के बाद स्थानीय संगठन में नाराजगी खुलकर सामने आई थी। अब पार्टी नेतृत्व की नजर इस बात पर है कि नरोत्तम मिश्रा आधिकारिक उम्मीदवार के प्रचार में कितनी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
नरोत्तम का यह बयान उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी अहम माना जा रहा है। समर्थकों को संयम का संदेश देकर उन्होंने यह साफ किया कि फिलहाल वे पार्टी लाइन से बाहर जाने के मूड में नहीं हैं।
channel_009 निष्कर्ष:
टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने टकराव के बजाय संयम और संगठन के प्रति निष्ठा का रास्ता चुना है। अब देखना होगा कि उनकी अपील दतिया में नाराज कार्यकर्ताओं को कितना शांत कर पाती है।
क्या नरोत्तम मिश्रा की अपील के बाद दतिया में भाजपा का अंदरूनी विवाद खत्म हो जाएगा? कमेंट में अपनी राय बताइए।
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