ताइपे: ताइवान की धरती एक बार फिर कांप उठी जब बुधवार को देश के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) और ताइवान के केंद्रीय मौसम ब्यूरो ने पुष्टि की है कि रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई है।
हुआलिएन के पास था भूकंप का केंद्र
भूकंप का उपकेंद्र हुआलिएन शहर से लगभग 71 किलोमीटर दक्षिण की ओर और लगभग 31 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। यह क्षेत्र ताइवान के पूर्वी हिस्से में आता है, जहां आबादी पश्चिमी क्षेत्रों के मुकाबले कम है। हालांकि, राजधानी ताइपे में भी झटके साफ महसूस किए गए और इमारतें करीब एक मिनट तक हिलती रहीं।
किसी नुकसान की खबर नहीं
अब तक किसी प्रकार की जान-माल की हानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है।
ताइवान: भूकंपों से बार-बार जूझता द्वीप
ताइवान भूगर्भीय दृष्टि से एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यह प्रशांत ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स की अधिक गतिविधियां होती हैं। यहां भूकंप आना आम बात है, लेकिन कुछ झटके बेहद विनाशकारी भी रहे हैं।
-
9 अप्रैल 2025: राजधानी ताइपे में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया था।
-
21 सितंबर 1999: ताइवान के इतिहास का सबसे घातक भूकंप, जिसकी तीव्रता 7.7 थी, और इसमें लगभग 2400 लोगों की मौत हुई थी।
-
1900-1991: हर साल औसतन 2200 भूकंप दर्ज किए गए, जिनमें से 214 गंभीर श्रेणी में थे।
-
1999: अकेले इसी साल 49,919 झटके दर्ज किए गए, जो अब तक का रिकॉर्ड है।
आखिर क्यों आते हैं भूकंप?
धरती की बाहरी परत कई टुकड़ों (tectonic plates) में बंटी हुई है, जो हर समय धीरे-धीरे हिलती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं या खिसकती हैं, तो सतह के नीचे भारी तनाव बनता है। जब यह तनाव अचानक बाहर निकलता है, तो धरती में कंपन उत्पन्न होता है जिसे हम भूकंप कहते हैं।
CHANNEL009 Connects India
