दक्षिण चीन सागर में बना वुटिप तूफान तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है और इसे लेकर चीन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। यह चक्रवाती तूफान आगामी तीन दिनों तक चीन के दक्षिणी क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ कहर बरपा सकता है।
हाइनान और ग्वांगडोंग सबसे ज्यादा खतरे में
चीनी राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NMC) की मानें तो वुटिप तूफान शुक्रवार को हाइनान और ग्वांगडोंग प्रांतों के तटों से टकरा सकता है। ये तूफान इस साल चीन की भूमि से टकराने वाला पहला बड़ा चक्रवात होगा।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्रभावित इलाकों में 100 से 150 मिमी तक मूसलधार बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और नदी किनारे के इलाकों में जलस्तर बढ़ने का खतरा गहराता जा रहा है।
सरकार की तैयारियां तेज, अलर्ट स्तर में बढ़ोतरी
आपदा प्रबंधन विभाग ने अलर्ट लेवल IV से बढ़ाकर लेवल III कर दिया है। प्रभावित प्रांतों में राहत और बचाव टीमें तैनात कर दी गई हैं। नाव परिवहन और समुद्री गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, तेल और गैस प्लेटफॉर्म्स से कर्मचारियों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
तूफान वुटिप क्यों है खास?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वुटिप इस साल का पहला चक्रवात है जो सामान्य समय से लगभग दो महीने देर से बना। आमतौर पर मार्च में पहला तूफान आता है, लेकिन वुटिप जून में बनकर औसत तिथि (27 जून) से पहले 13 जून को तट से टकरा सकता है। इसका देर से बनना कुछ कृषि क्षेत्रों के लिए अनुकूल माना जा रहा है, लेकिन अब इसका असर गंभीर हो सकता है।
लोगों को जारी की गईं सावधानियां
मौसम विभाग ने नागरिकों को घर के बाहर निकलने से बचने, पेड़ों और ढीले ढांचों को मजबूत करने, और स्थानीय अधिकारियों की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। सभी समुद्री गतिविधियां पूर्ण रूप से रोक दी गई हैं।
निष्कर्ष: सतर्कता ही सुरक्षा
वुटिप भले ही देरी से बना हो, लेकिन इसकी तीव्रता और मार्ग को देखते हुए पूरे दक्षिणी चीन में आपात स्थिति जैसे हालात हैं। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि सरकार की तैयारी और नागरिकों की जागरूकता किस हद तक नुकसान को रोकने में कामयाब होती है।
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