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दमोह मिशन अस्पताल केस : फर्जी डॉक्टर पर पहले कार्रवाई होती तो बच सकती थीं 7 जानें

मध्य प्रदेश के दमोह के मिशन अस्पताल में इलाज के दौरान 7 मरीजों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट एन जॉन केम उर्फ डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य यादव को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। आरोपी दमोह के औद्योगिक थाना क्षेत्र की टाउनशिप में छिपा हुआ था। दमोह साइबर सेल ने उसका मोबाइल चालू होते ही लोकेशन ट्रेस कर उसे पकड़ा। पुलिस आरोपी को रात 11.30 बजे दमोह लेकर आई। इस बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम भी दमोह पहुंची और मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज किए। कलेक्टर, एसपी और सीएमएचओ के भी बयान लिए गए।

पहले भी सामने आ चुका था फर्जीवाड़ा

छत्तीसगढ़ के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के बेटे, प्रो. प्रदीप शुक्ल ने बताया कि साल 2006 में उनके पिता का इलाज भी इसी फर्जी डॉक्टर ने किया था। बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य ने एंजियोप्लास्टी की थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और करीब 18 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद उनका निधन हो गया था।

प्रदीप शुक्ल ने तब भी डॉक्टर पर शक जताया था और आरटीआई के जरिए उसकी डिग्री की जानकारी मांगी थी, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। अब दमोह केस सामने आने के बाद उनका शक सच साबित हुआ। उन्होंने कहा कि अगर उस समय सख्त जांच हुई होती तो शायद आज 7 लोगों की जान बच सकती थी।

जांच में मिली बड़ी लापरवाही

दमोह निवासी कृष्णा पटेल के दादा भी फर्जी डॉक्टर के इलाज के बाद बचे मरीजों में शामिल हैं। 31 जनवरी को मिशन अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टर ने दादा को तीन ब्लॉकेज बताकर ओपन हार्ट सर्जरी की सलाह दी थी। लेकिन जब जबलपुर में दोबारा जांच करवाई तो पता चला कि केवल दो ब्लॉकेज थे। कृष्णा ने बताया कि उसने फरवरी में कलेक्टर को लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ितों की मांग – सख्त कार्रवाई हो

नबी कुरैशी नामक युवक, जिसकी मां रहीसा बेगम का इलाज हुआ था, ने मानवाधिकार टीम से कहा कि उसे मुआवजा नहीं चाहिए। वह चाहता है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

सरकार ने जताई सख्ती

मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को गहन जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।


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