Related Articles
आजकल ज्यादातर लोग 25 से 30 साल की अवधि के लिए होम लोन लेते हैं, ताकि हर महीने की ईएमआई कम रहे। लेकिन लंबी अवधि का मतलब होता है ज्यादा ब्याज। अच्छी बात यह है कि अगर सही रणनीति अपनाई जाए, तो 50 लाख रुपये के होम लोन पर करीब 15 लाख रुपये तक का ब्याज बचाया जा सकता है।
होम लोन में ब्याज क्यों ज्यादा लगता है
होम लोन के शुरुआती सालों में आपकी ईएमआई का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में चला जाता है और मूलधन बहुत धीरे-धीरे कम होता है।
इसलिए अगर पहले 8–10 साल में कुछ अतिरिक्त भुगतान कर दिया जाए, तो कुल ब्याज काफी कम हो सकता है।
15 लाख रुपये की बचत कैसे संभव है
मान लीजिए आपने:
-
50 लाख रुपये का होम लोन
-
30 साल के लिए
-
8.5% ब्याज दर पर लिया
इस स्थिति में:
-
मासिक ईएमआई ≈ 38,400 रुपये
-
30 साल में कुल भुगतान ≈ 1.38 करोड़ रुपये
-
कुल ब्याज ≈ 88 लाख रुपये
अब अगर आप:
-
हर साल एक अतिरिक्त ईएमआई देते हैं, या
-
साल में 1.5 से 2 लाख रुपये की प्रीपेमेंट करते हैं
तो:
-
लोन की अवधि 5–6 साल कम हो जाती है
-
कुल भुगतान घटकर ≈ 1.23 करोड़ रुपये रह जाता है
-
कुल ब्याज ≈ 73 लाख रुपये
👉 यानी करीब 15 लाख रुपये की सीधी बचत।
दूसरा लोन लेकर कैसे होगी बचत
अब मान लीजिए:
-
आपने होम लोन लिए 5 साल हो चुके हैं
-
उस समय बकाया राशि ≈ 46.5 लाख रुपये
अगर आप:
-
10 लाख रुपये का दूसरा छोटा लोन लेते हैं
-
और उसे होम लोन में एकमुश्त प्रीपेमेंट कर देते हैं
तो:
-
बकाया मूलधन घटकर ≈ 36.5 लाख रुपये रह जाता है
-
ईएमआई वही रहने पर ब्याज तेजी से कम होता है
-
लोन 5–6 साल पहले खत्म हो जाता है
इस तरह:
-
कुल भुगतान ≈ 1.23 करोड़ रुपये
-
कुल ब्याज ≈ 73 लाख रुपये
-
बचत ≈ 15 लाख रुपये
ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
-
दूसरा लोन होम लोन से ज्यादा महंगा नहीं होना चाहिए
-
सेकंड लोन की अवधि छोटी रखें
-
बोनस, इंसेंटिव या सैलरी बढ़ने पर सीधे प्रीपेमेंट करना सबसे सुरक्षित तरीका है
-
फोकस ईएमआई घटाने पर नहीं, बल्कि कुल ब्याज कम करने पर रखें
निष्कर्ष
अगर आप समझदारी से:
-
समय पर प्रीपेमेंट करें
-
साल में एक अतिरिक्त ईएमआई दें
-
या सही समय पर छोटा दूसरा लोन लें
तो बिना ज्यादा दबाव के होम लोन पर 15 लाख रुपये तक की बचत करना पूरी तरह संभव है।
CHANNEL009 Connects India
