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नागौर जिले में कई बड़े विकास प्रोजेक्ट लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। अब लोगों को उम्मीद है कि नए जिला कलेक्टर देवेन्द्र कुमार इन कामों को तेजी से पूरा करवाएंगे।
क्या है समस्या?
- कई सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि से जुड़े प्रोजेक्ट अधूरे हैं
- कुछ योजनाएं सिर्फ कागजों में ही रह गई हैं
- काम की रफ्तार बहुत धीमी है
फोरलेन और बायपास का काम अटका
- कृषि मंडी तिराहे से गोगेलाव तिराहे तक फोरलेन सड़क नहीं बनी
- करीब 31 करोड़ की मंजूरी के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ
- नागौर-जोधपुर रोड और बीकानेर रोड बायपास भी अधूरे हैं
👉 इन कामों के पूरे होने से ट्रैफिक और व्यापार दोनों को फायदा होगा
खींवसर फ्लाईओवर
- खींवसर में फ्लाईओवर का काम सालों से चल रहा है
- धीमी गति से लोगों को परेशानी हो रही है
मूण्डवा में मंडी और फूड पार्क अधूरे
- मूण्डवा में मैथी मंडी 4 साल से अधूरी
- मिनी फूड पार्क योजना भी शुरू नहीं हुई
👉 इससे किसानों को नुकसान हो रहा है
डीडवाना में बायपास और ROB
- डीडवाना में रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की मंजूरी मिल चुकी है
- अगर यह बनता है तो ट्रैफिक कम होगा
शहर की सड़कों की हालत खराब
- मानासर से कलेक्ट्रेट तक सड़क खराब है
- 5 साल में भी मरम्मत नहीं हुई
- लोगों को रोज परेशानी झेलनी पड़ रही है
मेडिकल और अस्पताल प्रोजेक्ट अधूरे
- नागौर मेडिकल कॉलेज का काम पूरा नहीं हुआ
- 190 बेड अस्पताल भी अधूरा है
👉 इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं
शिक्षा और युवा सुविधाएं भी रुकी
- मेड़ता में केंद्रीय विद्यालय शुरू नहीं हुआ
- यूथ हॉस्टल बनकर भी चालू नहीं हुआ
लोगों की उम्मीद
अब सभी की नजर प्रशासन पर है।
👉 अगर ये प्रोजेक्ट समय पर पूरे होते हैं तो:
- शहर का विकास होगा
- रोजगार बढ़ेगा
- लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी
निष्कर्ष
नागौर में विकास के कई काम अधूरे हैं, लेकिन नए कलेक्टर से लोगों को उम्मीद है कि वे इन परियोजनाओं को जल्द पूरा करवाएंगे और जिले को आगे बढ़ाएंगे।
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