इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य टकराव के बाद पाकिस्तान ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि उसकी वायुसेना का एक फाइटर जेट झड़प में क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने अब तक न तो इस विमान का नाम उजागर किया है और न ही इसकी गंभीरता के बारे में स्पष्ट जानकारी दी है।
झड़पों के बाद पाकिस्तान को गहरे झटके
भारत की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को कई रणनीतिक मोर्चों पर भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान की सीमावर्ती चौकियों, पीओके में स्थित आतंकी ठिकानों और 11 एयरबेस को निशाना बनाकर व्यापक तबाही मचाई गई।
फाइटर जेट की जानकारी से किया परहेज
रविवार रात पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि “सैन्य झड़प के दौरान हमारे एक विमान को नुकसान पहुंचा है।” हालांकि, इस नुकसान को “मामूली” करार देते हुए विमान के मॉडल या प्रकार का उल्लेख नहीं किया गया। प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि “भारत का कोई भी पायलट पाकिस्तान की हिरासत में नहीं है,” और इस तरह की खबरें केवल भ्रामक सोशल मीडिया पोस्टों पर आधारित हैं।
सीजफायर पर बनी सहमति
भारत की निर्णायक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने सीजफायर की अपील की। इसके जवाब में भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच वार्ता हुई, जिसके बाद दोनों देशों ने जमीन, वायु और समुद्र मार्गों पर सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमति जताई।
भारतीय सेना का दावा: बड़ा नुकसान पहुंचाया गया
भारतीय सेना का कहना है कि उसकी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के कई फाइटर जेट गिराए गए और इस्लामाबाद के पास स्थित प्रमुख सैन्य ठिकानों को भी गंभीर क्षति पहुंची है। सेना के अनुसार, 35-40 पाकिस्तानी सैन्यकर्मी भी इन कार्रवाइयों में मारे गए हैं।
निष्कर्ष:
पाकिस्तान की ओर से अपने सैन्य नुकसान की आंशिक स्वीकारोक्ति इस बात की पुष्टि है कि भारत की रणनीतिक कार्रवाई ने गहरा प्रभाव डाला है। हालांकि, जमीनी हालात और राजनीतिक स्थिति में स्थायी सुधार के लिए कूटनीतिक प्रयास अभी भी आवश्यक हैं।
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