ल्हासा/नई दिल्ली: तिब्बत की शांत रात उस वक्त दहशत में बदल गई जब भूकंप के तेज झटकों ने क्षेत्र को हिला दिया। यह घटना सोमवार तड़के करीब 2:41 बजे (भारतीय समयानुसार) हुई, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.7 मापी गई।
झटकों से दहशत का माहौल
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के झटके इतने तेज़ थे कि लोगों को तुरंत घरों से बाहर निकलना पड़ा। कई क्षेत्रों में लोग खुले स्थानों पर जमा हो गए। हालांकि, अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की पुष्टि
भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने पुष्टि की कि यह भूकंप सुबह 2:41 बजे दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह झटका सतह से अपेक्षाकृत कम गहराई पर उत्पन्न हुआ था, जिस कारण इसका प्रभाव अधिक महसूस किया गया।
सतर्कता बरतने की सलाह
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आफ्टरशॉक (भूकंप के बाद के झटकों) के लिए तैयार रहने को कहा है। भले ही नुकसान की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई हो, फिर भी बचाव दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
निष्कर्ष:
तिब्बत में देर रात आया यह भूकंप एक बार फिर इस क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता की याद दिलाता है। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन लोगों में अभी भी डर का माहौल बना हुआ है।
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