जयापुरा (इंडोनेशिया): इंडोनेशिया के अस्थिर पापुआ प्रांत में सुरक्षा बलों और अलगाववादी विद्रोहियों के बीच एक बार फिर हिंसक टकराव हुआ है। इस झड़प में 18 विद्रोहियों और 2 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है। यह संघर्ष बुधवार को उस समय शुरू हुआ जब सुरक्षा बल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए इंतान जया क्षेत्र के गांवों में पहुंचे थे।
हमले की रणनीति और जवाबी कार्रवाई
सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इवान द्वी प्रिहार्तोनो ने एक वीडियो संदेश में बताया कि दर्जनों हथियारबंद विद्रोहियों ने सैनिकों पर घात लगाकर हमला कर दिया। विद्रोही सैन्य श्रेणी के हथियारों के साथ-साथ तीर और अन्य पारंपरिक हथियारों से लैस थे।
प्रिहार्तोनो ने कहा, “हमारी तरफ से सोच-समझकर और नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की गई।” संघर्ष के बाद सुरक्षा बलों ने एक सैन्य और एक देसी राइफल, कई तीर, गोला-बारूद, और ‘मॉर्निंग स्टार’ नामक झंडा (जो पापुआ के अलगाववादी आंदोलन का प्रतीक है) बरामद किया।
विरोधियों का दावा: मारे गए निर्दोष नागरिक
इस बीच, ‘वेस्ट पापुआ लिबरेशन आर्मी’ (जो ‘फ्री पापुआ मूवमेंट’ की सशस्त्र शाखा है) के प्रवक्ता सेबी सैम्बोम ने अलग ही दावा किया है। उन्होंने कहा कि केवल तीन विद्रोही मारे गए, जबकि बाकी सभी आम नागरिक थे, जो सुरक्षा बलों की गोलीबारी का शिकार बने।
सैम्बोम के अनुसार, यह हमला उनके एक प्रमुख सदस्य बुमिवालो एनुम्बी की मौत का बदला लेने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में पुनकक जया क्षेत्र में दो पुलिसकर्मियों की हत्या की गई।
पापुआ में वर्षों से चल रहा संघर्ष
इंडोनेशिया ने 1960 के दशक में पापुआ क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लिया था, जिसके बाद से ही स्थानीय विद्रोही समूह स्वतंत्रता की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। इस क्षेत्र में लंबे समय से तनाव बना हुआ है और आए दिन इस प्रकार की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
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