बांग्लादेश सरकार ने हाल ही में देश के हाईकोर्ट में इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कांशियसनेस) पर आरोप लगाते हुए इसे एक ‘धार्मिक कट्टरपंथी’ समूह बताया है। यह विवाद हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा, जिनकी गिरफ्तारी के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी:
चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी बिना किसी ठोस कारण के हुई थी, और उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई थी। भारत ने इस गिरफ्तारी को गलत ठहराया है। बांग्लादेश में शेख हसीना के शासन के बाद हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं, और नए अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस के आने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
बांग्लादेश सरकार का बयान:
बांग्लादेश के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद असदुज्जमां ने हाईकोर्ट में एक हलफनामे में कहा कि इस्कॉन एक ‘धार्मिक कट्टरपंथी’ संगठन है और सरकार पहले ही इसकी जांच कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट:
चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश के चटगांव और ढाका में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सेना तैनात की गई है और कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं।
CHANNEL009 Connects India
