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भरतपुर में कृपाल जघीना के पिता की मौत, शव तीन दिन से मोर्चरी में रखा, अंतिम संस्कार के लिए कोई नहीं

भरतपुर के हिस्ट्रीशीटर कृपाल जघीना के पिता रामभरोसी सोगरवाल का निधन हाल ही में लंबी बीमारी के कारण हुआ। उनका शव पिछले तीन दिनों से आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। इसका कारण यह है कि कृपाल के परिवार के सभी पुरुष सदस्य जेल में बंद हैं, जिनमें कृपाल का भाई रविंद्र सिंह, सत्यवीर सिंह, भतीजा पंकज और बेटा आदित्य शामिल हैं।

कृपाल और कुलदीप जघीना के बीच रंजिश के चलते कुलदीप की हत्या हो गई थी, और इस मामले में कृपाल के परिजन जेल में हैं। कृपाल के पिता की 22 नवंबर को मौत हो गई, लेकिन उनके अंतिम संस्कार के लिए कोई पुरुष सदस्य उपलब्ध नहीं है। कृपाल की बेटी उपासना ने बताया कि उनके दादाजी 22 अक्टूबर से बीमार थे और 22 नवंबर को उनका निधन हो गया।

कृपाल के परिवार में सिर्फ उनकी पत्नी, मां विमला देवी और चाची हैं, जो इस स्थिति में कोई मदद नहीं कर पा रही हैं। उपासना ने बताया कि उन्होंने अजमेर जेल अधीक्षक और भरतपुर कलक्टर से दाह संस्कार के लिए मदद मांगी, लेकिन कोई राहत नहीं मिल पाई। अब सोमवार को वे कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर करने की योजना बना रही हैं।

कृपाल की मौत के बाद उनके घर पर आरएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं। उपासना ने बताया कि उनके दादाजी की लंग्स में इन्फेक्शन था, जिसके चलते उनका इलाज आरबीएम अस्पताल और जयपुर में चला था। अब उनकी इच्छा थी कि वह एक बार सबको देख लें, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। परिवार के सदस्य अब न्यायालय से पुलिस कस्टडी में दादाजी के अंतिम दर्शन की अनुमति मांग रहे हैं।

कृपाल जघीना की हत्या:
कृपाल जघीना की हत्या 4 सितंबर 2022 को हुई थी। उस वक्त कृपाल अपने घर जा रहा था, जब कुलदीप और उसके साथियों ने गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने कुलदीप और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया था। 12 जुलाई 2023 को कुलदीप और उसके साथी को कोर्ट में पेशी के लिए लाया जा रहा था, तभी कृपाल के साथियों ने आमोली टोल प्लाजा पर कुलदीप पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे कुलदीप की मौत हो गई थी।

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