ओवल टेस्ट मैच के चौथे दिन का खेल रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया था, लेकिन अचानक मौसम खराब हो जाने के कारण हालात बदल गए। लगातार बारिश और फिर रोशनी कम होने की वजह से अंपायरों ने तय समय से पहले स्टंप्स (दिन का खेल खत्म) घोषित कर दिया। अंपायरों के इस फैसले ने क्रिकेट के कई दिग्गजों को नाराज़ कर दिया। उनका मानना है कि हालात ऐसे नहीं थे कि खेल रोका जाए।
पूर्व इंग्लैंड कप्तान और प्रसिद्ध कमेंटेटर नासिर हुसैन ने अंपायरों के इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि खेल जारी रखा जा सकता था। उन्होंने कहा कि जब मैच इतना रोमांचक स्थिति में पहुंच चुका था, तो अंपायरों को थोड़ा कॉमन सेंस इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके मुताबिक, अगर दोनों टीमें खेलने के लिए तैयार हों, तो ऐसे हालात में खेल जारी रखा जाना चाहिए। इसी तरह भारत के पूर्व विकेटकीपर और मौजूदा कमेंटेटर दिनेश कार्तिक ने भी अंपायरों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रोशनी थोड़ी कम जरूर थी, लेकिन गेंदबाजों और बल्लेबाज़ों दोनों के लिए खेलना संभव था। कार्तिक का मानना था कि दर्शकों को इतनी जल्दी निराश नहीं किया जाना चाहिए था, क्योंकि सभी को मैच के रोमांचक अंत की उम्मीद थी।
कुछ अनुभवी क्रिकेटरों का कहना है कि अगर भारत यह कहता कि उनके गेंदबाज़ थक चुके हैं और उन्हें आराम की ज़रूरत है, तो भी खेल रुका रह सकता था। वहीं अगर इंग्लैंड फिर से खेल शुरू करने को तैयार होता, तब भी फैसला अलग हो सकता था। इन जानकारों के मुताबिक, ऐसे समय पर अंपायरों को मैदान की परिस्थितियों के साथ-साथ मैच की स्थिति को भी ध्यान में रखना चाहिए। फिलहाल, सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गर्म है। कुछ फैंस मानते हैं कि सुरक्षा को देखते हुए अंपायरों का फैसला सही था, वहीं कई लोग यह कह रहे हैं कि टेस्ट क्रिकेट की असली खूबसूरती ही इसके ऐसे चुनौतीपूर्ण लम्हों में होती है। इस वजह से खेल को इतनी जल्दी खत्म करना ठीक नहीं था।
अब देखने वाली बात यह होगी कि मैच के पाँचवें दिन हालात कैसे रहते हैं और क्या दोनों टीमें मैदान पर वैसी ही ऊर्जा और आक्रामकता के साथ उतरती हैं जैसी चौथे दिन देखने को मिली थी।
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