RSS पर बयानबाजी तेज: भागवत बोले- ‘गुप्त संगठन नहीं’, प्रियांक खड़गे ने कानून पालन की दी नसीहत
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। RSS प्रमुख Mohan Bhagwat ने संगठन की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि RSS कोई गुप्त संगठन नहीं है और सरकारें इसकी गतिविधियों से पूरी तरह परिचित रहती हैं।
भागवत ने कहा कि संघ पिछले कई दशकों से सार्वजनिक रूप से समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संगठन के लंबे इतिहास में कभी किसी सरकार ने उससे पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराने की मांग नहीं की।
इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं। Priyank Kharge ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी संस्थाओं और संगठनों को कानून का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं से ऊपर नहीं माना जा सकता।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि RSS को लेकर समय-समय पर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मतभेद देखने को मिलते रहे हैं। संघ देश के सामाजिक और वैचारिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसके कारण उससे जुड़े मुद्दे अक्सर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह विवाद संगठन की कानूनी स्थिति से अधिक राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल दोनों पक्षों के बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है और इस मुद्दे पर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।
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