भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के पांच टेस्ट मैचों में से चार मैचों की पिच रेटिंग इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने जारी कर दी है। इन रेटिंग्स में लीड्स के हेडिंग्ले स्टेडियम की पिच को सबसे अच्छा माना गया और उसे “वेरी गुड” कैटेगरी में रखा गया। बाकी तीन पिचों को “सैटिस्फैक्ट्री” यानी संतोषजनक बताया गया।
यह सीरीज काफी रोमांचक रही और 2-2 की बराबरी पर खत्म हुई। सभी मुकाबले पांचवें दिन तक चले, जिससे दर्शकों को बल्ले और गेंद के बीच असली टेस्ट मुकाबला देखने को मिला। शुरुआत के दिनों में बल्लेबाजों ने दबदबा बनाया, लेकिन बाद के दिनों में गेंदबाजों ने जोरदार वापसी की। खास बात यह रही कि भारत ने आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड को केवल 6 रनों से हराकर सीरीज जीतने की मेजबान टीम की उम्मीदों को तोड़ दिया।
पिच रेटिंग सिस्टम में बदलाव
2023 तक ICC पिचों को 6 श्रेणियों में रेट करता था — वेरी गुड, गुड, एवरेज, बिलो एवरेज, पूअर और अनफिट। लेकिन अब इसे आसान बनाते हुए केवल 4 श्रेणियां कर दी गई हैं —
1. वेरी गुड
2. सैटिस्फैक्ट्री
3. अनसैटिस्फैक्ट्री
4. अनफिट
इस सीरीज की पिचें 2023 की एशेज सीरीज से बेहतर रहीं। एशेज में कोई भी पिच “वेरी गुड” नहीं थी और एजबेस्टन व लॉर्ड्स की पिचों को सिर्फ “एवरेज” रेटिंग मिली थी। वहीं, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की पांच में से चार पिचों को “वेरी गुड” रेटिंग मिली थी।
सीरीज का पहला मैच लीड्स के हेडिंग्ले में खेला गया था। यह पिच धीमी थी और बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी गई, जिसने इंग्लैंड की आक्रामक “बाज़बॉल” रणनीति को मदद दी। इस पिच पर रन बनाना आसान था, और इंग्लैंड ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए आखिरी पारी में 373 रन का विशाल लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।
हालांकि भारत ने इस टेस्ट में इतिहास रच दिया — टीम के बल्लेबाजों ने एक ही मैच में 5 शतक ठोक दिए, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ। इसके बावजूद टीम इंडिया को इस मुकाबले में हार झेलनी पड़ी।
CHANNEL009 Connects India
