इस्लामाबाद: भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बार पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान ने साफ किया है कि उसके परमाणु ठिकानों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है और उसकी न्यूक्लियर कमांड एंड कंट्रोल संरचना पूरी तरह से सुरक्षित है।
‘हमारे परमाणु भंडार पूरी तरह महफूज़’ – पाकिस्तान का दावा
शुक्रवार को इस्लामाबाद में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा,
“हम अपने परमाणु हथियारों की सुरक्षा और कमान व्यवस्था की मजबूती को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं। हमारे सभी परमाणु संयंत्र और हथियार सुरक्षित हैं।”
यह बयान उस समय आया है जब भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी की मांग की थी। उन्होंने हाल ही में कहा था कि परमाणु हथियारों का आतंकवाद से जुड़ी ताकतों तक पहुंचना वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर मंडराने लगे सवाल
भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही तल्खी के बीच अब परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता भी गहराने लगी है। पाकिस्तान का दावा है कि उसका परमाणु तंत्र विश्वस्तर पर तय मानकों के अनुरूप मजबूत और नियंत्रण में है, लेकिन दुनिया की नजर अब ज्यादा गहराई से उसके भीतरू ढांचे पर टिक गई है।
भारत पर ही उठाए सवाल
पाकिस्तान ने पलटवार करते हुए भारत के आंतरिक हालात पर भी सवाल उठाए। विदेश मंत्रालय ने कहा,
“भारत में बढ़ती राजनीतिक कट्टरता, मीडिया की उग्र भाषा और समाज के कुछ वर्गों में नफरत की भावना ऐसे कारक हैं जो खुद परमाणु सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकते हैं।”
बयानबाजी और तनातनी के बीच टिकी हैं निगाहें
भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सीमापार किए गए लक्षित हमलों के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक और सामरिक तनाव चरम पर है। पाकिस्तान का यह ताजा बयान भले ही परमाणु हथियारों को लेकर आत्मविश्वास दिखाता हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर IAEA निगरानी और पारदर्शिता की मांग अब और तेज हो सकती है।
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