भोपाल – कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भोपाल दौरे के दौरान एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत करने पहुंचे राहुल गांधी उस समय विवादों में घिर गए जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर जूते पहनकर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत कई बीजेपी नेताओं ने नाराज़गी जताई है। इसे भारतीय संस्कृति और परंपरा के विरुद्ध बताया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी ने भोपाल स्थित मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगी इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। वीडियो फुटेज में देखा गया कि उन्होंने इस दौरान जूते नहीं उतारे। इसी बात को लेकर बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर कहा,
“राहुल गांधी को प्रदेश में आना चाहिए, यह लोकतंत्र है। लेकिन जब वे अपनी दादी को पुष्पांजलि दे रहे थे, तब जूते पहने हुए थे। यह हमारे संस्कारों के खिलाफ है। कम से कम इस अवसर पर तो उन्हें ध्यान देना चाहिए था। हमें यह अच्छा नहीं लगा।”
विश्वास सारंग ने साधा तीखा निशाना
राज्य सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने इसे राहुल गांधी की ‘राजनीतिक टूरिज़्म’ का हिस्सा बताया और कहा कि उन्होंने केवल अपनी दादी ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक भावनाओं का अपमान किया है।
सारंग ने टिप्पणी करते हुए कहा:
“हमारी परंपरा में किसी भी दिवंगत महापुरुष की मूर्ति या तस्वीर पर पुष्प चढ़ाने से पहले जूते उतारना सम्मान का प्रतीक होता है। राहुल गांधी ने यह नहीं किया, बल्कि फूलों को इस तरह से अर्पित किया जैसे यह किसी इटैलियन प्रथा का हिस्सा हो। इससे लगता है कि वे अब तक भारतीय संस्कृति को नहीं अपना पाए हैं।”
बीजेपी की मांग: माफी मांगे राहुल गांधी
इस मामले को लेकर बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की है और कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जनता की भावनाओं के सम्मान के लिए राजनेताओं को हर सार्वजनिक व्यवहार में सावधानी बरतनी चाहिए।
निष्कर्ष
राहुल गांधी की भोपाल यात्रा के दौरान घटित यह प्रकरण एक बार फिर से दिखाता है कि सार्वजनिक जीवन में संवेदनशीलता और प्रतीकों के प्रति आदर कितना महत्वपूर्ण है। जहां कांग्रेस इसे मामूली घटना मान रही है, वहीं बीजेपी इसे संस्कृति और परंपरा से जुड़ा मुद्दा बताकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। अब देखना होगा कि राहुल गांधी इस पर कोई सफाई देते हैं या नहीं।
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