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यूक्रेन का रूस पर अभूतपूर्व हमला: क्या यूरोप के इशारे पर हुआ ‘ऑपरेशन पर्ल हार्बर’?

मॉस्को/कीव | 2 जून 2025:
यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध ने एक नया मोड़ ले लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन ने हाल ही में रूस के चार प्रमुख एयरबेस और एक नौसैनिक अड्डे पर एक संगठित और तीव्र हमले को अंजाम दिया है, जिससे रूस की वायुसेना को गंभीर क्षति पहुंची है। यूक्रेन के दावे के मुताबिक, इस हमले में रूस के लगभग 40 बमवर्षक विमान नष्ट हो गए हैं — यह पिछले तीन वर्षों में रूस की सैन्य क्षमताओं को हुआ सबसे बड़ा नुकसान माना जा रहा है।

रूसी वायु सुरक्षा प्रणाली हुई विफल

इस हमले ने रूस की वायु रक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन ने ड्रोन और मिसाइल तकनीकों का उपयोग कर रूसी एयर डिफेंस को चकमा दिया और एक के बाद एक कई सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई के बाद क्रेमलिन में सुरक्षा परिषद की आपात बैठकें हो रही हैं और पूरे रूस में एयर अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?

यूक्रेनी सैन्य सूत्रों के अनुसार, हमले का निशाना बने एयरबेस हैं:

  • बेलाया एयरबेस

  • इवानोवो एयरबेस

  • ओलिनिया एयरबेस

  • दागिलेवो एयरबेस

इन ठिकानों पर मौजूद TU-95, TU-22 जैसे बमवर्षकों और A-50 जैसे निगरानी विमानों को गंभीर क्षति पहुंची है। इसके अतिरिक्त, सेवरोमोरस्क नौसैनिक अड्डे पर भी हमला किया गया, जहां रूस की परमाणु पनडुब्बियां और युद्धपोत तैनात थे।

नाटो की भूमिका पर उठे सवाल

सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन अकेले इतना बड़ा हमला अंजाम नहीं दे सकता था। यूरोप और नाटो की संभावित भूमिका को लेकर अटकलें तेज हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन को उच्च-स्तरीय खुफिया जानकारी, सैटेलाइट इमेजरी, और संभवतः साइबर सपोर्ट यूरोपीय देशों से मिला है, जिससे वह रूसी वायु सुरक्षा को भेदने में सफल रहा।

क्रेमलिन की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति

इस हमले ने क्रेमलिन को सकते में डाल दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाकर तेज प्रतिक्रिया की योजना बनाई है। रूसी मीडिया के मुताबिक, पुतिन ने यूक्रेनी और संभावित यूरोपीय ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।

‘ऑपरेशन पर्ल हार्बर’ की तुलना और रणनीतिक प्रभाव

यूक्रेनी मीडिया इस हमले को ‘ऑपरेशन पर्ल हार्बर’ की संज्ञा दे रही है — यानी एक ऐसा हमला जो युद्ध की दिशा ही बदल सकता है। इस कार्रवाई के बाद न केवल रूस के रक्षा ढांचे को गहरा झटका लगा है, बल्कि यूरोप की सुरक्षा स्थिति भी पहले से कहीं अधिक जटिल हो गई है।

क्या बढ़ेगा युद्ध का दायरा?

इस हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन अब रूसी सीमा के भीतर भी निर्णायक हमले करने की क्षमता हासिल कर चुका है। यदि नाटो की सक्रिय या अप्रत्यक्ष भागीदारी की पुष्टि होती है, तो यह संघर्ष स्थानीय युद्ध से वैश्विक टकराव की ओर बढ़ सकता है।


📌 निष्कर्ष

यूक्रेन द्वारा रूस के भीतर इतने गहरे और संगठित हमले को अंजाम देना दर्शाता है कि युद्ध अब एक नई रणनीतिक अवस्था में प्रवेश कर चुका है। आने वाले सप्ताहों में रूस की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह संघर्ष केवल यूक्रेन तक सीमित रहेगा या यूरोप की सीमाओं को भी पार कर जाएगा

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