Related Articles
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र 2026 में ‘राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान विधेयक 2026’ पर चर्चा के दौरान मजदूरों के अधिकार और रोजगार का मुद्दा प्रमुखता से उठा। एक तरफ इस विधेयक के कुछ सुधारों की सराहना हुई, वहीं ओवरटाइम की सीमा बढ़ाने को लेकर सरकार को सवालों का सामना करना पड़ा।
ओवरटाइम सीमा बढ़ाने पर आपत्ति
इस विधेयक में ओवरटाइम की सीमा 50 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे करने का प्रस्ताव रखा गया है।
शिव विधानसभा क्षेत्र के निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इतनी ज्यादा वृद्धि का आधार क्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि मजदूर इंसान हैं या मशीन, जो उनसे इतना अधिक काम कराया जाएगा।
उन्होंने यह भी पूछा कि मजदूरों को अतिरिक्त काम का पूरा और समय पर भुगतान मिलेगा या नहीं, इसकी निगरानी सरकार कैसे करेगी।
डिजिटल भुगतान की मांग
मजदूरों को कई बार पूरी मजदूरी नहीं मिलने की शिकायतों को देखते हुए भाटी ने सुझाव दिया कि सभी मजदूरों की मजदूरी सीधे बैंक खाते में डिजिटल माध्यम (UPI या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन) से दी जाए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
मजदूरों की सुरक्षा पर चिंता
पश्चिमी राजस्थान में बड़ी परियोजनाओं और कंपनियों में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई। कई बार दुर्घटनाओं में घायल या मृत मजदूरों के मामले में कंपनियां जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करती हैं। ऐसे मामलों में सख्त जांच और कार्रवाई की मांग की गई।
स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग
सदन में यह मुद्दा भी उठा कि पश्चिमी राजस्थान में कई मल्टीनेशनल कंपनियां काम कर रही हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे। इसलिए सरकार से मांग की गई कि कम से कम अकुशल और शुरुआती स्तर की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की नीति बनाई जाए।
विधेयक के मुख्य प्रावधान
-
दुकानों और वाणिज्यिक संस्थानों में दैनिक काम का समय 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे किया गया।
-
साप्ताहिक कार्य समय 48 घंटे ही रहेगा।
-
ओवरटाइम की सीमा 50 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई।
-
लगातार काम के बाद आराम का समय 5 घंटे से बढ़ाकर 6 घंटे किया गया।
बच्चों और किशोरों से जुड़े नियम
-
प्रशिक्षु की न्यूनतम आयु 12 से बढ़ाकर 14 वर्ष की गई।
-
14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को काम पर रखने पर रोक होगी।
-
किशोरों की आयु सीमा 14 से 18 वर्ष तय की गई है।
-
14 से 18 वर्ष के किशोरों से रात में काम नहीं लिया जा सकेगा।
इस तरह विधानसभा में इस विधेयक पर मजदूरों के अधिकार, सुरक्षा और रोजगार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
CHANNEL009 Connects India
