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राजस्थान में अब बिजली का बिल सिर्फ यूनिट पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी तय होगा कि आपने बिजली किस समय इस्तेमाल की। इसके लिए ‘टाइम ऑफ यूज’ (TOU) टैरिफ सिस्टम लागू करने की तैयारी है।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम
इस व्यवस्था में दिन के अलग-अलग समय पर बिजली की कीमत अलग होगी। उपभोक्ताओं को मोबाइल पर पहले से अलर्ट मिलेगा कि कब बिजली सस्ती है और कब महंगी। यह अलर्ट करीब 1 से 1.5 घंटे पहले भेजा जाएगा।
समय के अनुसार बिजली दरें
- सुबह 6 से 10 बजे और शाम 6 से 10 बजे: पीक टाइम (महंगी बिजली)
- सुबह 10 से दोपहर 4 बजे: सामान्य/सोलर टाइम (मध्यम या कम दर)
- रात 10 बजे के बाद: ऑफ-पीक (सबसे सस्ती बिजली)
कैसे होगा फायदा
अगर आप ज्यादा बिजली वाले काम जैसे वॉशिंग मशीन, एसी या ईवी चार्जिंग सस्ते समय (रात) में करेंगे, तो आपके बिल में 10-20% तक बचत हो सकती है।
क्यों लाया गया यह सिस्टम
इससे लोग सस्ती बिजली के समय ज्यादा उपयोग करेंगे, जिससे पीक टाइम का दबाव कम होगा। साथ ही सोलर एनर्जी का उपयोग बढ़ेगा और बिजली उत्पादन पर भार घटेगा।
कहां पहले से लागू है
दिल्ली, महाराष्ट्र और विदेशों (अमेरिका, यूरोप) में यह सिस्टम पहले से चल रहा है।
शुरुआत कैसे होगी
शुरुआत में इसे स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर लागू किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले इसे छोटे स्तर पर लागू कर इसके परिणाम देखे जाएंगे।
यह नया सिस्टम लोगों को समझदारी से बिजली उपयोग करने के लिए प्रेरित करेगा और बिल कम करने में मदद करेगा।
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