धौलपुर (बयाना):
राजस्थान के बयाना कस्बे में मुस्लिम वक्फ कमेटी पर एक व्यक्ति की निजी जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगा है। इस मामले में दीपक सिंह, निवासी पुरानी अनाज मंडी, बयाना, ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
दीपक सिंह का कहना है कि उनके पिता पूरन सिंह के नाम पर अमर कॉलोनी, बयाना में जलदाय विभाग के सामने 40×60 फीट का भूखंड था। यह भूखंड नगरपालिका ने 1972 में नीलामी के ज़रिए बेचा था। पिता की मृत्यु के बाद यह संपत्ति दीपक सिंह के नाम हो गई।
भूखंड की वैध बिक्री और फर्जी किरायानामा का आरोप
दीपक ने वर्ष 2022 में इस भूखंड को विशाल अग्रवाल और गोपालराम गुप्ता को रजिस्ट्री के माध्यम से वैध रूप से बेच दिया, और उन्हें कब्जा भी सौंप दिया गया।
लेकिन **16 मई 2023 को वक्फ कमेटी ने इस भूखंड को अपनी संपत्ति बताते हुए एक फर्जी किरायानामा ₹500 के स्टांप पर तैयार कर लिया। इसमें दीपक सिंह के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और 17 मई 2023 को इसे एक वकील इशरत बानो से तस्दीक भी करवा लिया गया।
दीपक ने कहा कि वक्फ कमेटी पहले भी इस भूखंड पर दावा कर चुकी है, लेकिन
-
16 नवंबर 2009 को यह दावा खारिज हो गया था
-
फिर 9 दिसंबर 2014 को कोर्ट ने भी अपील खारिज कर दी थी
-
राजस्थान हाईकोर्ट ने भी दीपक के पक्ष में फैसला दिया था
जिन पर आरोप लगे हैं
रिपोर्ट में वक्फ कमेटी के पूर्व सचिव सलीम कुरैशी, वर्तमान सचिव फिरोज खान, सदर लियाकत अली, सालाबाद निवासी असलम पुत्र शब्बीर तेली सहित अन्य लोगों पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है।
प्रशासन ने पुष्टि की
बयाना के तहसीलदार अंकुर जैन ने पुष्टि की है कि यह भूखंड दीपक सिंह ने वैध रूप से बेचा है और उनके दस्तावेज सही हैं।
दीपक की मांग
दीपक सिंह ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वक्फ कमेटी का जवाब
फिरोज मलिक, सचिव, वक्फ कमेटी बयाना का कहना है कि
“मेरे खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कराने के लिए हाईकोर्ट में प्रार्थना-पत्र दिया गया है। दीपक और वक्फ कमेटी के बीच जो किरायानामा है, वह फर्जी नहीं बल्कि सही है। पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।”
CHANNEL009 Connects India
