जयपुर:
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार सुबह जयपुर के कई सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां सामने आईं – कहीं शिक्षक मोबाइल चलाते मिले तो कहीं स्कूल में गंदगी का माहौल था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 9वीं कक्षा के बच्चे मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं बता पाए।
📍 तीन स्कूलों का किया निरीक्षण
शिक्षा मंत्री ने सुबह सबसे पहले:
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पानीपेच के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय
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फिर मुरलीपुरा बीड़ के स्कूल
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और फिर द्वारिकापुरी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया।
📱 शिक्षक मोबाइल चलाते मिला, मंत्री ने लगाई फटकार
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द्वारिकापुरी स्कूल में एक शिक्षक मोबाइल पर व्यस्त मिला।
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मंत्री ने नाराजगी जताते हुए पूछा, “आप स्कूल में पढ़ाने आते हैं या मोबाइल चलाने?”
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उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि स्कूल समय में गेम या मोबाइल चलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
❓ बच्चों को नहीं पता मुख्यमंत्री का नाम
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जब मंत्री ने 9वीं के छात्रों से सवाल पूछे, तो कई बच्चे राजस्थान के मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं बता पाए।
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इस पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जाहिर की और शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
🧹 स्कूल में गंदगी देख भड़के मंत्री
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निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर में गुटखे और चिप्स के खाली पाउच फैले मिले।
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मंत्री ने खुद एक थैली उठाकर शिक्षक को दिखाया और पूछा, “क्या यही है स्कूल की सफाई?”
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उन्होंने तुरंत सफाई और सुधार के निर्देश दिए और कहा कि ऐसी लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
🎯 शिक्षा मंत्री का सख्त संदेश
मदन दिलावर ने कहा:
“हर बच्चे को साफ-सुथरा माहौल और अच्छी शिक्षा मिलना हमारी प्राथमिकता है। शिक्षक और स्कूल प्रशासन अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं।“
📌 निष्कर्ष
शिक्षा मंत्री के इस दौरे से साफ है कि सरकार अब स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन को लेकर सख्त कदम उठाने के मूड में है। यह निरीक्षण एक चेतावनी भी है कि स्कूलों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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