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त्योहारों और खास मौकों पर ट्रेनों में बढ़ती भीड़
हर साल दीपावली, छठ और महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी जाती है। खासकर सूरत और दिल्ली स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ से अव्यवस्था और जोखिम भरी स्थिति बन जाती है। इसे देखते हुए रेलवे को बेहतर यात्री प्रबंधन के उपाय करने की जरूरत है।
रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने के कारण
- बढ़ती जनसंख्या और मोबाइल के जरिए आसानी से टिकट बुकिंग की सुविधा।
- रेलवे स्टेशनों और जंक्शनों पर प्रयाप्त विस्तार न होने के कारण भीड़ बढ़ती है।
- द्रमुक सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया था।
रेलवे की नई योजना – 17,000 नए डिब्बे
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब में बताया कि भारतीय रेलवे 17,000 से अधिक गैर-वातानुकूलित (सामान्य व शयनयान) डिब्बों का निर्माण करेगा। इन नए डिब्बों के जुड़ने से भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रियों को आराम मिलेगा।
यात्रियों की जरूरत के हिसाब से ट्रेनें बढ़ेंगी
रेलवे का यातायात सालभर एक जैसा नहीं रहता। कभी भीड़ ज्यादा होती है तो कभी कम। इसलिए रेलवे:
- जरूरत के अनुसार अतिरिक्त डिब्बे जोड़ता है।
- स्पेशल ट्रेनों का संचालन करता है।
- नई ट्रेनें शुरू करता है और कुछ ट्रेनों के फेरे बढ़ाता है।
त्योहारी सीजन में विशेष ट्रेनें
- 2024 में होली और गर्मियों की छुट्टियों के दौरान 13,523 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं।
- 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2024 के बीच दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ के लिए 7,990 स्पेशल ट्रेनों के फेरे लगाए गए।
महाकुंभ के दौरान ट्रेनों का विशेष संचालन
- 13 जनवरी से 28 फरवरी 2025 तक महाकुंभ में 17,300 से अधिक ट्रेनें चलाई गईं।
- इस दौरान 4.24 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने यात्रा की।
- 1,200 से अधिक अनारक्षित डिब्बे मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में जोड़े गए।
रेलवे की निर्माण योजना
वित्त वर्ष 2024-25 में रेल डिब्बा कारखानों ने अब तक 6,485 नए डिब्बे बनाए हैं। रेलवे की योजना आने वाले समय में 17,000 से अधिक नए डिब्बे जोड़ने की है, जिससे यात्रियों की सुविधा और बेहतर होगी।
निष्कर्ष: रेलवे की यह पहल यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा देने में मदद करेगी, खासकर त्योहारों और विशेष आयोजनों के दौरान।
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