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भारत में नमक की खपत ज्यादा, खतरे भी ज्यादा
भारत में लोग रोज़ाना ज़रूरत से दोगुना से भी ज़्यादा नमक खा रहे हैं। खासतौर पर उत्तर भारत में लोग 12 ग्राम से ज्यादा नमक रोज खा रहे हैं, जबकि WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने सिर्फ 5 ग्राम (करीब 1 चम्मच) नमक प्रतिदिन खाने की सलाह दी है।
80% नमक आता है घर के खाने से
न्यूजीलैंड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में खाया जाने वाला 80% नमक घर के खाने से आता है।
अचार, पापड़, चटनी, दही, छाछ, सलाद और ऊपर से डाला गया नमक – ये सब नमक की मात्रा बढ़ा देते हैं।
ज्यादा नमक खाने के नुकसान
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हाई ब्लड प्रेशर (BP) बढ़ता है
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दिल की बीमारियां और स्ट्रोक का खतरा
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किडनी की समस्या हो सकती है
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भारत में हर साल करीब 1.75 लाख मौतें ज्यादा नमक खाने की वजह से होती हैं
सिर्फ गुलाबी या सेंधा नमक खाने से नहीं बच पाएंगे
गुलाबी नमक, सेंधा नमक या समुद्री नमक में भी सोडियम उतना ही होता है जितना सफेद नमक में।
इनसे कोई खास फायदा नहीं होता, क्योंकि हम इनकी मात्रा बहुत कम खाते हैं।
आयोडाइज्ड नमक का उपयोग ही सबसे सही और ज़रूरी है।
भारत में नमक और हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति
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हर भारतीय रोज़ाना 8 से 11 ग्राम नमक खाता है (WHO की सलाह 5 ग्राम)
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22 करोड़ भारतीयों को हाई ब्लड प्रेशर है
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7 करोड़ किशोर भी हाई BP की चपेट में हैं
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दुनियाभर में हर साल 2.6 मिलियन (26 लाख) मौतें दिल की बीमारियों से होती हैं
नमक कम करें, खतरे भी कम करें
अगर हम रोज़ाना 3 ग्राम भी कम नमक खाएं, तो:
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हार्ट अटैक का खतरा 4.6% तक घट सकता है
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कुल मौतों में 4.9% की कमी आ सकती है
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स्ट्रोक का खतरा 6.5% तक कम हो सकता है
क्या करें?
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खाने में ऊपर से नमक डालने की आदत छोड़ें
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अचार, पापड़, चटनी जैसी चीजों को सीमित करें
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बच्चों को बचपन से कम नमक खाने की आदत डालें
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रेस्तरां और पैकेट वाले खाने से बचें
नमक कम खाएं, दिल को स्वस्थ बनाएं!
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