हाल ही में खेले जा रहे वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स टूर्नामेंट को लेकर पाकिस्तान और भारत के बीच एक बड़ा विवाद सामने आया है। इस टूर्नामेंट में दुनियाभर के पूर्व क्रिकेट दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नामों ने इसमें “पाकिस्तान चैंपियंस” टीम के खिलाफ खेलने से साफ इनकार कर दिया। इसके पीछे एक गंभीर कारण बताया जा रहा है — जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान जाने की घटना।
खबरों के मुताबिक, यह आतंकी हमला अप्रैल महीने में हुआ था और इसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हाथ बताया गया। इस घटना से दुखी होकर भारतीय दिग्गज खिलाड़ियों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स में पाकिस्तान की टीम के साथ खेलने से मना कर दिया। उनका मानना है कि ऐसे समय में पाकिस्तान की टीम के साथ मैदान पर उतरना शहीदों का अपमान होगा।
भारतीय खिलाड़ियों के इस कदम से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को झटका लगा है। इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने एक बड़ा फैसला किया है। बोर्ड की हाल ही में हुई मीटिंग में तय किया गया कि अब किसी भी निजी क्रिकेट लीग में “पाकिस्तान” नाम का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
पीसीबी का कहना है कि जब कोई टीम या टूर्नामेंट ‘पाकिस्तान’ नाम का उपयोग करता है, तो वह बोर्ड और देश की प्रतिष्ठा से जुड़ जाता है। अगर ऐसी टीम को कोई देश या खिलाड़ी बहिष्कार करता है, तो इससे सीधे-सीधे पाकिस्तान की साख को नुकसान पहुंचता है। वैसे तो अगर भारत आईसीसी (ICC) या एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के टूर्नामेंट में पाकिस्तान से खेलने से मना करता, तो पीसीबी इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाकर विरोध कर सकता था। लेकिन वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स एक निजी लीग है, जिसका संचालन आईसीसी या पीसीबी जैसे आधिकारिक बोर्ड नहीं करते। इसलिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पास कोई ठोस आधार नहीं बचा था, जिससे वह विरोध जता सके।
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