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19 नवंबर मंगलवार को शेयर बाजार में सात दिन की गिरावट के बाद तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 239.38 अंकों (0.31%) की बढ़त के साथ 77,578.38 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 64.70 अंकों (0.28%) की बढ़त के साथ 23,518.50 पर पहुंचा। यह सुधार निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है।
ऑटो और रियल्टी में तेजी, मेटल्स में गिरावट
निफ्टी ऑटो, मीडिया, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टरों में मजबूती देखी गई, जबकि मेटल, पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टरों में गिरावट रही। विशेषज्ञों का मानना है कि मिड और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी का दौर जारी रह सकता है, और उन्होंने निवेशकों को इन शेयरों की जल्दबाजी में खरीदारी से बचने की सलाह दी है।
मुनाफावसूली बनी रुकावट
शेयर बाजार ने कुछ समय के लिए 1% से अधिक की तेजी दर्ज की, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण बाजार ने अपनी बढ़त खो दी। यह मुनाफावसूली दर्शाती है कि निवेशक अभी भी सतर्क हैं।
विशेषज्ञों की राय
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, त्वरित और तेज रिकवरी की संभावना कम है। एफआईआई की लगातार बिकवाली और कंपनियों के आय परिणामों को लेकर आशंकाएं बाजार को प्रभावित कर रही हैं।
गिरावट के कारण
हाल की गिरावट के कारणों में शामिल हैं:
- दूसरी तिमाही के कमजोर परिणाम
- एफआईआई की बिकवाली
- महंगाई का दबाव
निवेशकों को सलाह
विशेषज्ञ निवेशकों को मिड और स्मॉलकैप शेयरों में कमजोरी के चलते सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं और जल्दबाजी में निवेश से बचने को कह रहे हैं।
आगे की राह
बाजार की स्थिरता और तेजी इस बात पर निर्भर करेगी कि:
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली रुकती है या नहीं
- कंपनियों के आय परिणामों में सुधार आता है
- महंगाई पर नियंत्रण पाया जाता है
हालांकि, दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह एक अवसर हो सकता है क्योंकि कुछ सेक्टर्स में सुधार दिख रहा है।
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