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सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की कमी, एआई की पढ़ाई शुरू करना बड़ी चुनौती

45% स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव
सागर संभाग के कई सरकारी स्कूलों में बिजली, इंटरनेट, लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाओं की कमी है। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई शुरू करना मुश्किल होगा। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो सरकारी स्कूलों के बच्चे तकनीकी शिक्षा में पीछे रह जाएंगे

स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति

  • कई सरकारी स्कूलों में बिजली, पानी और शौचालय तक की कमी है।
  • लाइब्रेरी होने के बावजूद पुस्तकें अलमारी में बंद हैं।
  • कंप्यूटर लैब न होने के कारण छात्र-छात्राओं को बेसिक डिजिटल ज्ञान नहीं मिल पा रहा
  • सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और दमोह जिलों के कई स्कूलों में तकनीकी शिक्षा के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं।

स्कूलों की स्थिति के कुछ उदाहरण

केस-1: देवरी विकासखंड के झुनकू ग्राम के सरकारी स्कूल में सिर्फ एक जर्जर बिल्डिंग है, लेकिन कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी की सुविधा नहीं है।
केस-2: राहतगढ़ विकासखंड के मीरखेड़ी गांव के स्कूल में कक्षा 11वीं और 12वीं के बच्चों को कंप्यूटर की पढ़ाई नहीं कराई जा रही

कुछ स्कूलों में हो रहे सुधार

  • 60% स्कूलों में डिजिटल लैब, स्मार्ट क्लास और लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
  • सरकार द्वारा स्कूलों में लैब, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्यों के लिए बजट दिया जा रहा है

विशेषज्ञों की राय

आईटी विशेषज्ञ के. कृष्ण राव का कहना है कि निजी स्कूलों में एआई की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। सरकारी स्कूलों को भी स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब से पढ़ाई शुरू करनी होगी, ताकि छात्र-छात्राएं आने वाले समय में तकनीकी रूप से मजबूत हो सकें

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