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डूंगरपुर। सोने और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए डूंगरपुर जिले के साबला और आसपुर क्षेत्र के 14 गांवों के आदिवासी समाज ने एक अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस फैसले का मकसद समाज के गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को आर्थिक बोझ से बचाना है।
समाज की बैठक में लिए गए सख्त निर्णय
ओड़ा गांव में आयोजित समाज की बैठक में फिजूलखर्ची रोकने और सामाजिक सुधार के लिए कई नियम तय किए गए।
सोने के दाम करीब 1.72 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी के दाम 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के बाद यह निर्णय लिया गया।
सोने-चांदी के जेवरात पर रोक
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शादी-विवाह में सोने के जेवरात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे
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चांदी के जेवरात अब केवल 50 ग्राम तक ही पहनने की अनुमति
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शादी-ब्याह में कपड़ों का लेन-देन और फालतू खर्च बंद
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केवल ‘मामेरा’ रस्म ही निभाई जाएगी
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सामाजिक कार्यक्रमों में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध
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करियावर में कपड़ों के लेन-देन पर भी रोक
युवा पीढ़ी की सुरक्षा पर भी फैसला
समाज ने युवाओं के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये नियम भी बनाए:
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कुंवारी लड़कियों को मोबाइल फोन नहीं दिया जाएगा
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नाबालिगों को बाइक चलाने की अनुमति नहीं
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बालिग युवाओं के लिए बाइक चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य
शिक्षा पर दिया गया जोर
बैठक में समाजजनों ने कहा कि समाज और व्यक्ति का विकास शिक्षा से ही संभव है।
अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों को नियमित और समय पर स्कूल भेजें।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
समाज ने सर्वसम्मति से तय किया है कि जो भी व्यक्ति इन नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ समाज स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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