सैन फ्रांसिस्को:
फेसबुक के सह-संस्थापक और मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने सोमवार को अपने प्रिय पालतू कुत्ते ‘बीस्ट’ के निधन की जानकारी साझा की। 14 वर्षीय बीस्ट एक दुर्लभ सफेद पुली नस्ल का कुत्ता था, जो जुकरबर्ग परिवार का हिस्सा मार्च 2011 में मात्र तीन महीने की उम्र में बना था।
फेसबुक पोस्ट में बीस्ट की एक तस्वीर साझा करते हुए जुकरबर्ग ने लिखा, “स्वर्ग में आराम करो, छोटे दोस्त।”
बीस्ट, अपनी अनोखी झाड़ीदार ड्रेस जैसे बालों और मासूमियत भरी शख्सियत के कारण, सोशल मीडिया पर एक बड़ा चेहरा बन गया था। उसकी खास फेसबुक पेज पर लाखों फॉलोअर्स थे और वह अक्सर जुकरबर्ग द्वारा साझा की गई पारिवारिक तस्वीरों में नजर आता था — कभी पार्क में खेलते हुए, कभी घर के पिछवाड़े में दौड़ते हुए।
बीस्ट: एक दुर्लभ और खास साथी
पुली नस्ल के कुत्ते हंगरी से आते हैं और पारंपरिक रूप से भेड़ों को चराने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। इनकी सबसे खास बात है इनका मोटा, रस्सियों जैसा घना फर जो उन्हें एक बेहद विशिष्ट रूप देता है। सफेद रंग के पुली कुत्ते बेहद दुर्लभ होते हैं — अमेरिका में हर साल केवल कुछ दर्जन ही पंजीकृत होते हैं, और उनमें भी सफेद पुली सिर्फ 2 प्रतिशत होते हैं।
हालांकि उनका कोट भारी होता है, लेकिन ये कुत्ते बेहद फुर्तीले, ऊर्जावान और समझदार माने जाते हैं। बीस्ट भी इनमें से एक था — समझदार, सजीव और बेहद प्यारा।
जुकरबर्ग और बीस्ट का खास रिश्ता
2014 में एक इंटरव्यू के दौरान प्रिसिला चान (जुकरबर्ग की पत्नी) ने बताया था कि, “बीस्ट, फेसबुक के बाद मार्क की दूसरी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि बीस्ट न केवल अपनी दिनचर्या जानता है, बल्कि उसकी ‘एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी’ भी है — वह भेड़ों को चराता है। “हमें बताया गया है कि वह इसमें बहुत प्रतिभाशाली है,” उन्होंने कहा।
मार्क जुकरबर्ग ने भी बीस्ट को लेकर कभी कहा था, “वह इतना प्यारा है कि लगता है जैसे एक छोटा भेड़ का बच्चा हो। वह कमाल का है।”
अब बीस्ट के जाने से एक युग का अंत हो गया है — न केवल जुकरबर्ग परिवार के लिए, बल्कि उनके लाखों फॉलोअर्स के लिए भी, जिन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए इस प्यारे कुत्ते को अपनाया था।
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