सऊदी अरब में हज यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इस वर्ष करीब 20 लाख श्रद्धालु हज में शामिल हो रहे हैं, और इतनी बड़ी संख्या में लोगों की देखभाल करना किसी चुनौती से कम नहीं है। लेकिन सऊदी प्रशासन ने इसे आसान बनाने के लिए तकनीक को आस्था के साथ जोड़ा है।
🤖 20+ भाषाएं बोलने वाला AI रोबोट
इस बार हज में एक AI-समर्थित रोबोट को भी तैनात किया गया है, जो 20 से अधिक भाषाओं में संवाद कर सकता है। इसका उद्देश्य हज यात्रियों को दिशा-निर्देश, मार्गदर्शन और संवाद में सहायता देना है — खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें अरबी भाषा नहीं आती। पहले श्रद्धालु अक्सर भाषा की दीवार के कारण सुरक्षा कर्मियों या अन्य लोगों से सही संवाद नहीं कर पाते थे, लेकिन अब यह बाधा AI ने दूर कर दी है।
🆔 नुसुक कार्ड: खोने से बचाएगा डिजिटल पहचान पत्र
सऊदी सरकार ने नुसुक कार्ड नामक एक डिजिटल पहचान प्रणाली शुरू की है। यह कार्ड न सिर्फ तीर्थयात्रियों की लोकेशन और संपर्क जानकारी स्टोर करता है, बल्कि पवित्र रावदाह में दर्शन के लिए अपॉइंटमेंट बुक करने में भी मदद करता है। इससे लापता या भटके हुए लोगों की पहचान जल्दी हो जाती है।
📱 स्वास्थ्य की निगरानी के लिए ‘तवाक्कलना’ ऐप
‘तवाक्कलना’ एक हेल्थ-ट्रैकिंग मोबाइल ऐप है, जो हज यात्रियों की सेहत की जानकारी अपडेट करता है और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं तक तुरंत पहुंच सुनिश्चित करता है। ऐप में COVID के समय से इस्तेमाल की गई तकनीकों को और बेहतर बनाया गया है।
📚 कुरान लर्निंग ऐप: आध्यात्मिक अनुभव को और गहरा करने की कोशिश
हज के दौरान तीर्थयात्रियों को इस्लाम की शिक्षाओं से जुड़ने और कुरान पढ़ने व समझने के लिए एक विशेष डिजिटल ऐप भी लॉन्च किया गया है। इसका उद्देश्य है कि लोग भीड़ और व्यस्तता के बावजूद अपने अध्यात्म से जुड़ाव बनाए रखें।
🌡️ गर्मी: सबसे बड़ी चुनौती
पिछले साल हज के दौरान भीषण गर्मी के चलते 1,300 से अधिक श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई थी, जब तापमान 51.8°C तक पहुंच गया था। इस बार प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए 250,000 से अधिक अधिकारियों को तैनात किया है और 40 से ज्यादा सरकारी एजेंसियों को तैयार किया गया है।
हज मंत्री तौफीक अल-रबिया ने बताया कि इस साल विशेष इंतज़ाम किए गए हैं ताकि गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके। ठंडा पानी, छायादार स्थान, मेडिकल सहायता और जागरूकता अभियानों पर जोर दिया गया है।
निष्कर्ष: आस्था और तकनीक का संगम
सऊदी अरब की यह पहल यह दिखाती है कि धार्मिक आयोजनों को आधुनिक तकनीक से कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। AI, हेल्थ ऐप्स और स्मार्ट कार्ड्स के माध्यम से हज को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, संगठित और भक्तिपूर्ण अनुभव में बदला जा रहा है।
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