₹5 ट्रांसफर करते ही ₹1.08 लाख की ठगी, फर्जी कस्टमर केयर नंबर से व्यापारी फंसा
channel_009 | Cyber Crime News
इंदौर से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यापारी को OTT सब्सक्रिप्शन बंद करवाने के लिए गूगल से कस्टमर केयर नंबर सर्च करना भारी पड़ गया। व्यापारी ने जिस नंबर पर कॉल किया, वह असली कस्टमर केयर नहीं बल्कि साइबर ठगों का फर्जी नंबर निकला।
जानकारी के मुताबिक, ठगों ने खुद को कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर व्यापारी को भरोसे में लिया। इसके बाद सब्सक्रिप्शन बंद करने की प्रक्रिया के नाम पर उनसे ₹5 ट्रांसफर करने को कहा गया। व्यापारी ने जैसे ही छोटी रकम ट्रांसफर की, उसके बाद खाते से करीब ₹1.08 लाख रुपये कट गए।
साइबर अपराधी अक्सर इसी तरीके का इस्तेमाल करते हैं। वे गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डाल देते हैं, ताकि परेशानी में फंसे लोग सीधे उन्हें कॉल करें। फिर लिंक, ऐप डाउनलोड, स्क्रीन शेयरिंग, UPI रिक्वेस्ट या छोटे ट्रांजैक्शन के नाम पर बैंकिंग डिटेल और अकाउंट एक्सेस हासिल कर लेते हैं।
यह घटना बताती है कि ऑनलाइन सर्च में दिखने वाला हर नंबर भरोसेमंद नहीं होता। किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर हमेशा उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही लेना चाहिए। बैंकिंग, UPI, OTP, कार्ड डिटेल या स्क्रीन शेयरिंग से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को नहीं देनी चाहिए।
channel_009 निष्कर्ष:
इंदौर के व्यापारी से हुई ₹1.08 लाख की ठगी एक बड़ी चेतावनी है। सिर्फ ₹5 के ट्रांसफर से साइबर अपराधियों ने पूरा खेल कर दिया। डिजिटल दौर में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
आपकी राय क्या है — क्या गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर हटाने के लिए और सख्त सिस्टम होना चाहिए? कमेंट में बताइए।

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