तेल अवीव/तेहरान, 24 जून 2025 — ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन तक चले युद्ध को रोकने के लिए हाल ही में घोषित संघर्षविराम अब खतरों के घेरे में आ गया है। मंगलवार को, संघर्षविराम लागू होने के तीन घंटे के भीतर ही ईरान की ओर से इजरायल पर नई मिसाइलों की बौछार की गई। इसके बाद पूरे उत्तरी इजरायल में सायरन गूंज उठे और लोगों में दहशत फैल गई।
🚨 सीजफायर की अनदेखी या रणनीतिक जवाब?
इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरानी मिसाइलें संघर्षविराम की घोषणा के करीब ढाई घंटे बाद दागी गईं। इस पर इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलांट ने तुरंत आईडीएफ (Israeli Defense Forces) को जवाबी कार्रवाई का आदेश दिया।
“ईरान ने संघर्षविराम का खुला उल्लंघन किया है। अब उसका जवाब ज़मीन और आसमान से मिलेगा,” – गैलांट
🇺🇸 ट्रंप की मध्यस्थता पर संकट
संघर्षविराम की पहल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी, जिसे दोनों देशों ने औपचारिक रूप से स्वीकार किया था। सीजफायर के अनुसार, इजरायल शाम 7 बजे तक कोई सैन्य अभियान नहीं चलाएगा और ईरान की ओर से प्रतिक्रिया का मूल्यांकन किया जाएगा।
लेकिन ईरान के मिसाइल दागने के बाद सीजफायर की वैधता पर सवाल उठने लगे हैं।
🧨 इजरायल की प्रतिक्रिया: “तेहरान कांपेगा”
ईरानी हमलों के जवाब में इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोत्रिच ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चेतावनी दी कि:
“अब जो हमला होगा, उससे तेहरान कांप उठेगा। हमारी सेना अब चुप नहीं बैठेगी।”
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी दो दिन पहले कहा था कि इजरायल ने ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को कमजोर कर दिया है, लेकिन संघर्षविराम के बाद भी जारी मिसाइल हमले यह संकेत देते हैं कि ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं।
🔍 आगे क्या?
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क्या यह संघर्षविराम पूरी तरह विफल हो चुका है?
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क्या ट्रंप की मध्यस्थता अब असर खो चुकी है?
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या यह रणनीतिक शांति वार्ता से पहले आखिरी दबाव था?
इन सवालों के जवाब आने वाले 24 घंटे में तय करेंगे कि यह युद्ध वास्तव में थमा है या अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है।
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