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भोपाल। अगर आपने गाड़ी साल 2022 से पहले खरीदी है, तो आपको अब RTO (परिवहन कार्यालय) से जुड़े कामों में परेशानी हो सकती है। दरअसल, अब गाड़ी से जुड़ी हर प्रक्रिया जैसे ट्रांसफर, रिन्यूअल, फिटनेस, परमिट या एनओसी (NOC) आदि के लिए वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी (OTP) जरूरी हो गया है। लेकिन पुराने वाहनों में बड़ी संख्या में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हैं, जिससे लोग आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
अब हर काम ओटीपी से ही होगा
अब वाहन पोर्टल पर गाड़ी से जुड़ा कोई भी काम तभी हो पाएगा, जब वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। पहले आवेदन करते समय कोई भी नंबर डाला जा सकता था, लेकिन अब पारदर्शिता के लिए सिर्फ पहले से अपडेट मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी आएगा।
हजारों आवेदन पेंडिंग
नई व्यवस्था के कारण हजारों आवेदन अटक गए हैं, क्योंकि पुराने वाहनों में नंबर अपडेट नहीं हैं। कुछ मामलों में लोग ऑनलाइन नंबर अपडेट कर पा रहे हैं, लेकिन कई बार RTO दफ्तर जाना पड़ रहा है।
बार-बार लग रहे RTO के चक्कर
जिन लोगों ने गाड़ी आधार कार्ड से लिंक करवाई थी और अगर रजिस्ट्रेशन में दर्ज जानकारी आधार से मेल नहीं खा रही है, तो ऑनलाइन नंबर अपडेट नहीं होता। ऐसे में संबंधित व्यक्ति को RTO दफ्तर जाना पड़ता है, जहां कर्मचारी नंबर अपडेट करते हैं। इस प्रक्रिया में समय भी लग रहा है।
क्यों जरूरी है नंबर अपडेट होना?
आरटीओ अधिकारी प्रदीप शर्मा के मुताबिक, “नई व्यवस्था पारदर्शिता और सुविधा के लिए लाई गई है। अब हर प्रक्रिया वाहन मालिक के मोबाइल नंबर से ही की जाएगी ताकि गलत नंबर पर ओटीपी न जाए।”
2022 से पहले खरीदी गई गाड़ियों में सबसे ज्यादा दिक्कत
2022 से सभी गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ‘वाहन पोर्टल’ से ही हो रही है, जिससे नए वाहनों में नंबर पहले से अपडेट होते हैं। लेकिन 2022 से पहले डीलर या एजेंट अपने नंबर से गाड़ी रजिस्टर कर देते थे, जिससे अब वाहन मालिकों को नंबर बदलवाने की जरूरत पड़ रही है।
निष्कर्ष:
अगर आपकी गाड़ी 2022 से पहले खरीदी गई है, तो जल्द ही अपने मोबाइल नंबर को वाहन पोर्टल पर अपडेट करवा लें, ताकि RTO से जुड़े कामों में परेशानी न हो।
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