नई दिल्ली:
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अमीरों के लिए एक पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है। लेटेस्ट हेनली एंड पार्टनर्स प्राइवेट वेल्थ माइग्रेशन रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में अकेले 9,800 करोड़पति यूएई में बसने की तैयारी में हैं। इसका मुख्य कारण है यूएई की उदार टैक्स नीतियाँ, स्थायी निवास विकल्प (जैसे गोल्डन वीज़ा), और राजनीतिक स्थिरता।
दिग्गज अरबपति ले रहे यूएई की राह
यूके के नौवें सबसे अमीर व्यक्ति रहे, नार्वे मूल के शिपिंग टाइकून जॉन फ्रेडरिक्सन, अब अपना बड़ा कारोबारी हिस्सा यूएई में स्थानांतरित कर चुके हैं। ब्रिटेन में “नॉन-डोम टैक्स” व्यवस्था के समाप्त होने के बाद उन्होंने लंदन छोड़ना बेहतर समझा। तेल टैंकर के वैश्विक साम्राज्य के निर्माता फ्रेडरिक्सन का यह कदम ब्रिटेन से खाड़ी देशों की ओर धन के पलायन का प्रतीक माना जा रहा है।
ब्रिटिश अरबपति और हे़ज फंड एक्सपर्ट माइकल प्लैट, जो ब्लूक्रेस्ट कैपिटल मैनेजमेंट के सह-संस्थापक हैं, ने भी जून 2025 में अपना स्थायी निवास और फैमिली ऑफिस दुबई शिफ्ट कर लिया है। यह फर्म कभी यूरोप की तीसरी सबसे बड़ी हेज फंड कंपनी रही है, और इसके पास कभी 35 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति थी।
भारती ग्रुप के प्रमुख सुनील भारती मित्तल के बेटे श्रवण भारती मित्तल ने भी अबू धाबी को अपना नया कारोबारी केंद्र बनाया है। वे ‘अनबाउंड’ नाम की टेक्नोलॉजी इन्वेस्टमेंट कंपनी के संस्थापक हैं। अप्रैल 2025 में उन्होंने अबू धाबी में कंपनी की शाखा पंजीकृत की, खासतौर पर ब्रिटेन में टैक्स नियमों की सख्ती को देखते हुए।
यूएई बना टेक और फाइनेंस का ग्लोबल हब
टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव 2017 से दुबई में रह रहे हैं। उन्होंने 2014 में रूस छोड़ दिया था और बाद में यूएई में टेलीग्राम का ग्लोबल हेडक्वार्टर स्थापित किया। अब वह यूएई के नागरिक बन चुके हैं और 2024 में दुनिया के 120वें सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में रैंक किए गए। फोर्ब्स ने उन्हें यूएई का सबसे अमीर प्रवासी और Arabian Business ने उन्हें दुबई का सबसे प्रभावशाली उद्यमी बताया था।
मिस्र के सबसे धनी व्यक्ति नासेफ सावीरीस ने भी अबू धाबी को अपनी संपत्ति प्रबंधन का नया आधार बनाया है। 2023 के अंत में उन्होंने अपना फैमिली ऑफिस NNS Group अबू धाबी ग्लोबल मार्केट में स्थानांतरित कर दिया। उनके पास वैश्विक उर्वरक कंपनी OCI NV में 30% हिस्सेदारी है, साथ ही एडिडास और लाफार्जहोल्सिम जैसी कंपनियों में भी हिस्सेदारी है।
निवेशक-अनुकूल माहौल बना यूएई को आकर्षण का केंद्र
ग्लोबल न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, राजनीतिक स्थिरता, मजबूत वित्तीय ढांचा और निवेशकों के अनुकूल माहौल के चलते दुनिया के बड़े उद्यमी, टेक लीडर्स और फाइनेंशियल दिग्गज यूएई की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अनुमान है कि 2025 में अकेले 9,800 करोड़पति यूएई में बसेंगे। दुबई और अबू धाबी अब तेजी से दुनिया की नई वित्तीय और व्यापारिक राजधानियाँ बनती जा रही हैं।
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