Related Articles
केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू करने का फैसला किया है, लेकिन इसमें थोड़ी देरी हो सकती है। जनवरी से जुलाई 2025 के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) की घोषणा सितंबर-अक्टूबर के बीच हो सकती है। लेकिन इस बार महंगाई भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद बहुत कम है, जिससे कर्मचारियों को चिंता हो रही है।
महंगाई दर में कमी, इसलिए भत्ते में बढ़ोतरी कम
मई महीने में महंगाई की दर (CPI – कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) घटकर 2.82% रह गई है, जो अप्रैल में 3.16% थी। यह छह साल में सबसे कम है। फरवरी 2019 में महंगाई दर 2.57% थी। महंगाई दर कम होने का मतलब है कि कीमतें कम बढ़ रही हैं, इसलिए महंगाई भत्ते में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी।
खाद्य पदार्थों के दाम हुए कम
खाद्य वस्तुओं जैसे दाल, सब्जी, फल, अनाज, अंडे आदि के दाम कम होने से महंगाई दर में गिरावट आई है। इससे घरेलू खर्च कम होगा, लेकिन महंगाई भत्ते पर इसका नकारात्मक असर पड़ेगा।
थोड़ा उम्मीद बढ़ी है
पूर्व केंद्रीय कर्मचारी संघ के नेता हरिशंकर तिवारी के अनुसार, अप्रैल में All India Consumer Price Index (AICPI) में थोड़ा सुधार हुआ है। इससे महंगाई भत्ते में करीब 2% तक बढ़ोतरी की थोड़ी उम्मीद बनी है।
महंगाई भत्ता क्या है?
महंगाई भत्ता वेतन का एक हिस्सा होता है जो सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई के असर को कम करने के लिए देती है। अभी केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55% है।
महंगाई भत्ता कब बढ़ता है?
सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी करती है – जनवरी और जुलाई में। इसके लिए आंकड़े मार्च और सितंबर में जारी होते हैं।
कर्मचारी अब इस बार महंगाई भत्ते में कम बढ़ोतरी को लेकर चिंतित हैं क्योंकि महंगाई दर में गिरावट ने भत्ते पर असर डाला है।
CHANNEL009 Connects India
