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बीकानेर: जिले के नोखा तहसील के जोरावरपुरा गांव के 22 वर्षीय जवान गौरीशंकर खाती का ब्रेन हैमरेज के कारण निधन हो गया।जवान वायुसेना में पिछले चार साल से अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके निधन से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार को सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
ड्यूटी के दौरान बिगड़ी तबीयत
गौरीशंकर ड्यूटी के दौरान ब्रेन हैमरेज का शिकार हो गए थे। उन्हें तुरंत सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ दिनों पहले उनकी सर्जरी भी हुई थी। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
अंतिम यात्रा और सैन्य सम्मान
गुरुवार को वायुसेना के अधिकारी जवान की पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव जोरावरपुरा लेकर पहुंचे। वहां उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा की और युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारे लगाए। सेना के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम सलामी दी। इसके बाद उनके भाई ने मुखाग्नि दी।
परिजनों की आंखों में आंसू, गर्व भी
गौरीशंकर के परिजनों ने बताया कि उनका चयन महज 18 साल की उम्र में वायुसेना में हुआ था। उनके दो छोटे भाई अभी पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार और गांव के लोग गौरीशंकर के देशसेवा के जज्बे को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं।
गौरीशंकर की अंतिम यात्रा में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस जवान को हर किसी ने नम आंखों से विदा किया।
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