गाजा:
ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस्राइल पर आरोप लगाया था कि गाजा में फलस्तीनियों को स्वच्छ पानी की आपूर्ति न कर, नरसंहार जैसा कृत्य किया जा रहा है। इस्राइल ने इन आरोपों का खंडन किया है और बताया कि वह गाजा में पानी पहुंचाने के लिए यूनिसेफ के साथ मिलकर काम कर रहा है।
इस्राइल का पक्ष
इस्राइल की सरकारी इकाई COGAT ने कहा कि वह गाजा में जल आपूर्ति और अन्य मानवीय कार्यों पर यूनिसेफ के साथ सहयोग कर रही है। COGAT ने एक वीडियो साझा करते हुए खान यूनिस में स्थित यूनिसेफ के जल अलवणीकरण संयंत्र को दिखाया।
जल आपूर्ति की जानकारी
- यह संयंत्र प्रतिदिन 20,000 क्यूबिक मीटर पानी उपलब्ध कराता है।
- इस्राइल ने इसके लिए बिजली लाइन की मरम्मत कराई, ताकि यह संयंत्र पूरी क्षमता से काम कर सके।
- गाजा में पानी की आपूर्ति के लिए इस्राइल से तीन लाइनें सक्रिय हैं:
- उत्तरी गाजा: प्रति व्यक्ति 107 लीटर
- मध्य गाजा: प्रति व्यक्ति 34 लीटर
- दक्षिणी गाजा: प्रति व्यक्ति 20 लीटर
- संघर्ष क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 15 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जबकि इस्राइल इससे अधिक पानी उपलब्ध करा रहा है।
मरम्मत कार्य और सहयोग
इस्राइल ने बताया कि उसने गाजा में कई जल अवसंरचनाओं की मरम्मत की है, जो हमास के कारण क्षतिग्रस्त हुई थीं।
- उत्तरी और दक्षिणी गाजा में मरम्मत कार्य किए गए।
- ‘केला’ बिजली लाइन, जिसे 7 अक्तूबर को हमास ने क्षतिग्रस्त किया था, उसकी भी मरम्मत कराई गई।
- पानी पंपिंग सुविधाओं में ईंधन भरने का समन्वय भी किया गया।
आरोपों का जवाब
इस्राइल ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत काम करता है और मानवीय मूल्यों का पालन करता है।
ह्यूमन राइट्स वॉच का आरोप
ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस्राइल पर गाजा में पानी की आपूर्ति रोककर नरसंहार का आरोप लगाया और इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। इसके लिए संस्था ने 184 पन्नों की रिपोर्ट पेश की थी।
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